Kedua paha kelinci dikirimkan kepada Rasulullah SAW, dan beliau menerimanya
Imam Muslim : 3611
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ هِشَامِ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ مَرَرْنَا فَاسْتَنْفَجْنَا أَرْنَبًا بِمَرِّ الظَّهْرَانِ فَسَعَوْا عَلَيْهِ فَلَغَبُوا قَالَ فَسَعَيْتُ حَتَّى أَدْرَكْتُهَا فَأَتَيْتُ بِهَا أَبَا طَلْحَةَ فَذَبَحَهَا فَبَعَثَ بِوَرِكِهَا وَفَخِذَيْهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَيْتُ بِهَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَبِلَهُ و حَدَّثَنِيهِ زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ ح و حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ حَدَّثَنَا خَالِدٌ يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ كِلَاهُمَا عَنْ شُعْبَةَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ يَحْيَى بِوَرِكِهَا أَوْ فَخِذَيْهَا
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] हमसे कहिन हैं [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे [स्यूबाह] [हिस्याम बिन जैद] से [अनस बिन मलिक] से कहिन हैं, उ कहिन, 'एक बार हम मार्रू झाहरान -जगह का नाम- से गुजरत रहेन, अचानक हम एक खरगोश से चौंक गए, तब तक खरगोश तब तक थक गए'। अनस आगे कहिन, 'मैं भी ओका तब तक पीछा किहेंव जब तक कि हमका ओका नाहीं मिला, फिर हम ओका अबू तल्हा के पास लइ गयेन, फिर उ ओका वध किहिन अऊर दुइनौ जांघन का रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास भेजिन। फिर मैं ईका रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास लइ गय अऊर उई ईका स्वीकार कइ लिहिन।' अऊर मोका बताइस है [जुहैर बिन हरब] हमसे [यह्या बिन सैद] बताइस है। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- ई मोका बतावा गा है [यह्या बिन हबीब] हमका [खालिद] -अर्थात इब्न अल हरिथ- दुइनौ का ई सस्नाद के साथ [स्यूबाह] से बताइन हैं। अऊर याह्या के हदीस मा कहा गा है, 'दुनौ जांघन के साथ'।