Pemimpin khianat terhadap amanat, tidak mencium bau Surga
Imam Muslim : 3410
و حَدَّثَنَا أَبُو غَسَّانَ الْمِسْمَعِيُّ وَإِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى قَالَ إِسْحَقُ أَخْبَرَنَا و قَالَ الْآخَرَانِ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَبِي الْمَلِيحِ أَنَّ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ زِيَادٍ دَخَلَ عَلَى مَعْقِلِ بْنِ يَسَارٍ فِي مَرَضِهِ فَقَالَ لَهُ مَعْقِلٌ إِنِّي مُحَدِّثُكَ بِحَدِيثٍ لَوْلَا أَنِّي فِي الْمَوْتِ لَمْ أُحَدِّثْكَ بِهِ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَا مِنْ أَمِيرٍ يَلِي أَمْرَ الْمُسْلِمِينَ ثُمَّ لَا يَجْهَدُ لَهُمْ وَيَنْصَحُ إِلَّا لَمْ يَدْخُلْ مَعَهُمْ الْجَنَّةَ و حَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ مُكْرَمٍ الْعَمِّيُّ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِسْحَقَ أَخْبَرَنِي سَوَادَةُ بْنُ أَبِي الْأَسْوَدِ حَدَّثَنِي أَبِي أَنَّ مَعْقِلَ بْنَ يَسَارٍ مَرِضَ فَأَتَاهُ عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ زِيَادٍ يَعُودُهُ نَحْوَ حَدِيثِ الْحَسَنِ عَنْ مَعْقِلٍ
अऊर हमका [अबू गस्सान अल मिसमाई] अऊर [इशाक बिन इब्राहिम] अऊर [मुहम्मद बिन मुत्सना] का बताय के, इशाक कहिन; हमका सूचित किहिन है, जबकि बाकी दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [मुआज़ बिन हिशम] ने [अबू अल मलिह] से [कतादाह] से [मेरे पिता] से कहा है, कि उबैदुल्लाह बिन यिजाद [मकिल बिन यासर] से मिले रहे जब उ बीमार रहे, मकिल तब उनसे कहिन, 'वास्तव मा मैं तोहका एक हदीस बताउब, अगर मैं मौत के कगार पर न होतिन तौ मैं तोहका नाहीं बतावत। हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'कौनो नेता अइसन नाहीं है जे मुसलमानन के काम-काज का संभाले जबकि ऊ गंभीर अऊर ईमानदार नाहीं है, लेकिन ऊ स्वर्ग मा ओनके साथ शामिल नाहीं होई'। अऊर हमसे कहिस है ['उकबाह बिन मुकरम अल 'अम्मी] हमसे कहिस है [याकूब बिन इशाक] हमसे कहिस है [सवदाह बिन अबू अल असवाद] हमसे कहिस है [मेरे पिताजी] कि [मकिल बिन यासर] बीमार होइ गें, फिर उबैदुल्लाह बिन जियाद ओनसे मिले आए... जैसा कि म'क से हसन हदीस'।