Larangan mencambuk lebih dari 10 kali kecuali dalam hukuman had
Imam Muslim : 3222
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي عَمْرٌو عَنْ بُكَيْرِ بْنِ الْأَشَجِّ قَالَ بَيْنَا نَحْنُ عِنْدَ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ إِذْ جَاءَهُ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ فَحَدَّثَهُ فَأَقْبَلَ عَلَيْنَا سُلَيْمَانُ فَقَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ جَابِرٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي بُرْدَةَ الْأَنْصَارِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يُجْلَدُ أَحَدٌ فَوْقَ عَشَرَةِ أَسْوَاطٍ إِلَّا فِي حَدٍّ مِنْ حُدُودِ اللَّهِ
हमसे कहिन है [अहमद बिन ईसा] हमसे कहिन हैं [इब्नू वाहब] ने हमसे [अमरू] [बुकैर बिन अल अस्यज] से कहिन हैं, 'जब हम सुलेमान बिन यासर के बगल मा रहेन, त अचानक अब्दुर्रहमान जाबीर आइन अऊर ओनसे -हदीस- बताइन, तब [सुलेमान] हमरे ओर मुड़ के कहिन; [अब्दुर्रहमान बिन जाबीर] से [अपने पिता] से [अबू बुरदह अल अंसारी] से कहिन है, कि उ एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहे हैं: 'एक व्यक्ति का दस बार से ज्यादा सजा नहीं दी जाय, सिवाय उ सजा के जेका अल्लाह द्वारा स्पष्ट रूप से निर्धारित कीन गा है'।