Apabila budak berzina, maka cambuklah dia
Imam Muslim : 3216
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا مَالِكٌ ح و حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى وَاللَّفْظُ لَهُ قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سُئِلَ عَنْ الْأَمَةِ إِذَا زَنَتْ وَلَمْ تُحْصِنْ قَالَ إِنْ زَنَتْ فَاجْلِدُوهَا ثُمَّ إِنْ زَنَتْ فَاجْلِدُوهَا ثُمَّ إِنْ زَنَتْ فَاجْلِدُوهَا ثُمَّ بِيعُوهَا وَلَوْ بِضَفِيرٍ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ لَا أَدْرِي أَبَعْدَ الثَّالِثَةِ أَوْ الرَّابِعَةِ وَقَالَ الْقَعْنَبِيُّ فِي رِوَايَتِهِ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ وَالضَّفِيرُ الْحَبْلُ و حَدَّثَنَا أَبُو الطَّاهِرِ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ قَالَ سَمِعْتُ مَالِكًا يَقُولُ حَدَّثَنِي ابْنُ شِهَابٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سُئِلَ عَنْ الْأَمَةِ بِمِثْلِ حَدِيثِهِمَا وَلَمْ يَذْكُرْ قَوْلَ ابْنِ شِهَابٍ وَالضَّفِيرُ الْحَبْلُ حَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ صَالِحٍ ح و حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ كِلَاهُمَا عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِمِثْلِ حَدِيثِ مَالِكٍ وَالشَّكُّ فِي حَدِيثِهِمَا جَمِيعًا فِي بَيْعِهَا فِي الثَّالِثَةِ أَوْ الرَّابِعَةِ
हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन मसलामा अल कानाबी] हमसे कहिन हैं [मलिक]। -दूसरे तरीका से ई बतावा गा है- हमका [यह्या बिन यह्या] बताइस है जबकि ओनसे लफादज़, उ कहिन; हम [मलिक] के सामने पढ़ेन; [इब्न शिहाब] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्ला] से [अबू हुरैरा] से, कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से एक बार एक औरत के बारे मा पूछा गा रहा जे व्यभिचार किहिस, भले ही उ शादीशुदा न रही। उ कहिन: 'अगर ऊ व्यभिचार करत है तौ ओका कोड़ा मारो, फिर अगर ऊ व्यभिचार करत है तौ ओका कोड़ा मारो, फिर अगर ऊ व्यभिचार करत है तौ ओका कोड़ा मारो, फिर ओका एक बाल रस्सी के बदले मा भी बेचौ'। [इब्न शिहाब] ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि तीन बार के बाद - व्यभिचार - या चार बार'। इ बीच, अपने कथन मा, अल कानाबी कहिन, 'इब्न सियाहब कहिन, 'दलाफिर का मतलब रस्सी रहा'। अऊर हमसे [अबू अत थाहिर] हमसे [इब्न वाहब] बताये के बाद उ कहिन; हम एक बार [मलिक] का कहत सुने रहेन; ने [अबू हुरैरा] अऊर [जैद बिन खालिद अल जुहानी] से [उबैदुल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन उतबा] से [इब्नू शैहाब] से कहा है, कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से एक बार दूसरी हदीस के अनुसार व्यभिचार करै वाली औरतन के बारे मा पूछा गा रहा, अऊर इब्न सिहाब का जिक्र नाहीं किहिन "शब्द दफ्तर के मतलब है। रस्सी"। हमका बतावा है [अमरू अन नकीद] हमसे कहिस है [याकूब बिन इब्राहिम बिन सद] हमका [मेरे पिता] का [सालीह] से बताइस है। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिस है [अब्द बिन हुमैद] हमसे कहिस है [अब्दुर्राजाक] हमसे कहिस है [मा'मर] [अज जुहरी] से ['उबैदुल्लाह] से [अबू हुरैरा] से अऊर [जैद बिन खालिद अल जुहानी] से पैगम्बर सल्लाहु अलैहि वसलम से जइसे इतिहास मलिक ने बतावा है कि ई पता चला है कि ओन सब मा से ओनका बेचै के बारे मा भी संदेह है, चाहे तीसरा या चौथा से गुणा कीन जाय'।