Tangan pencuri dipotong (jika hasil curian) mencapai seperempat dinar atau lebih
Imam Muslim : 3193
و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الرُّؤَاسِيُّ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ لَمْ تُقْطَعْ يَدُ سَارِقٍ فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي أَقَلَّ مِنْ ثَمَنِ الْمِجَنِّ حَجَفَةٍ أَوْ تُرْسٍ وَكِلَاهُمَا ذُو ثَمَنٍ و حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ سُلَيْمَانَ وَحُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ ح و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحِيمِ بْنُ سُلَيْمَانَ ح و حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ كُلُّهُمْ عَنْ هِشَامٍ بِهَذَا الْإِسْنَادِ نَحْوَ حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الرُّؤَاسِيِّ وَفِي حَدِيثِ عَبْدِ الرَّحِيمِ وَأَبِي أُسَامَةَ وَهُوَ يَوْمَئِذٍ ذُو ثَمَنٍ
अऊर ई हमसे बतावा गा है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमीर] हमसे [हुमैद बिन अब्दुर्रहमान अर रूअसी] से [हिस्याम बिन उर्वाह] से [उनके पिता] से ['ऐसिया] से कहिन है, 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय एक चोर के हाथ से नाहीं काटा जा सकत रहा - अगर एक मूल्य चोरी कर लेत रहा- ढाल या ढाल, जेहिमा दुइनौ के कीमत रही'। अऊर हमसे कहिस है [उथमान बिन अबू स्याबा] हमसे [अब्दह बिन सुलेमान] अऊर [हुमैद बिन अब्दुर्रहमान] बताइस है। -दूसरे तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [अबू बकर बिन अबू स्याबाह] हमसे कहिन हैं [अब्दुर्रहिम बिन सुलेमान]। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे [अबू कुरैब] हमसे [अबू उसामा] [हिस्याम] से सब कुछ बताइस है, ई सनाद के साथ, इब्न नुमीर के हदीस के तरह, हुमैद बिन अब्दुर्रहमान अर रूअसी से। अऊर अब्दुर्रहीम अऊर अबू उसामा के हदीस मा कहा गा है, 'दुनौ के कीमत है'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 1376, 22949, 22950, 23583, 24141, 24921, 24945
Imam Bukhari : 6291, 6292, 6293, 6294, 6295, 6296
Imam Muslim : 3189, 3190, 3191, 3192, 3193
Imam Abu Dawud : 3810, 3811
Imam Tirmidzi : 1365
Imam Nasa'i : 4830, 4831, 4832, 4833, 4834, 4835, 4836, 4837, 4838, 4839, 4840, 4841, 4842, 4844, 4845, 4846, 4847, 4848, 4849, 4850, 4851, 4852, 4853, 4854, 4856, 4858, 4859, 4860, 4861, 4862, 4863, 4864
Imam Ibnu Majah : 2575, 2576
Imam Malik : 1312, 1313, 1323
Imam Darimi : 2198