Diyat bagi wanita yang meninggal dan pembebasan budak sebagai tebusan janin yang gugur akibat perkelahian
Imam Muslim : 3185
و حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ ح و حَدَّثَنَا حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى التُّجِيبِيُّ أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ ابْنِ الْمُسَيَّبِ وَأَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ قَالَ اقْتَتَلَتْ امْرَأَتَانِ مِنْ هُذَيْلٍ فَرَمَتْ إِحْدَاهُمَا الْأُخْرَى بِحَجَرٍ فَقَتَلَتْهَا وَمَا فِي بَطْنِهَا فَاخْتَصَمُوا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَضَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ دِيَةَ جَنِينِهَا غُرَّةٌ عَبْدٌ أَوْ وَلِيدَةٌ وَقَضَى بِدِيَةِ الْمَرْأَةِ عَلَى عَاقِلَتِهَا وَوَرَّثَهَا وَلَدَهَا وَمَنْ مَعَهُمْ فَقَالَ حَمَلُ بْنُ النَّابِغَةِ الْهُذَلِيُّ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ أَغْرَمُ مَنْ لَا شَرِبَ وَلَا أَكَلَ وَلَا نَطَقَ وَلَا اسْتَهَلَّ فَمِثْلُ ذَلِكَ يُطَلُّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا هَذَا مِنْ إِخْوَانِ الْكُهَّانِ مِنْ أَجْلِ سَجْعِهِ الَّذِي سَجَعَ و حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ اقْتَتَلَتْ امْرَأَتَانِ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِقِصَّتِهِ وَلَمْ يَذْكُرْ وَوَرَّثَهَا وَلَدَهَا وَمَنْ مَعَهُمْ وَقَالَ فَقَالَ قَائِلٌ كَيْفَ نَعْقِلُ وَلَمْ يُسَمِّ حَمَلَ بْنَ مَالِكٍ
हमका बतावा है [अबू अत थाहिर] हमसे [इब्नू वाहब] बताइस है। -एक अउर तरीका से कहा गा है- हमसे कहिन है [हर्मलह बिन याह्या अत ताजीबी] हमसे कहिन हैं [इब्नू वाहब] ने [इब्न मुसैयब] से [इब्न शिहाब] से [यूनुस] अऊर [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] से कहिन है कि [अबू हुरैरा] ने कहा है, 'बनी हुजा से दुई औरत, एक भंडार मा आग लगावत रहीं, प्रतिद्वंद्वी, जेहिसे ओकर मउत अऊर उ बच्चा के मउत होइ गै जेका उ ढोवत रही। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से घटना कै शिकायत किहिन। फिर उ फैसला किहिन कि भ्रूण के लिए जुर्माना एक महँगा गुलाम का आजाद कर रहा है, चाहे उ नर गुलाम होय या महिला गुलाम। यहि बीच, हत्या कीन गे मेहरारू के फिरौती का रुपिया हत्या कीन गे मेहरारू के सबसे नजदीकी रिश्तेदार से वसूल कीन जात है। अऊर ई निर्धारित किहिन कि -उ औरत जे हत्या किहिन- ओकर विरासत ओकरे बच्चन अऊर ओनके साथे रहे वालेन के लिए है'। हमल बिन नबीगाह अल हुडजाली ने कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, मैं उन लोगन का कैसे सहन करूँ जे न खा सकत हैं न पी सकत हैं, न बोल सकत हैं न चिल्ला सकत हैं? का ई सरासर बर्बादी नाहीं है?' ई सुन के रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'ई शैतान के भाइयन के तरह है, काहे से कि उ जवन कविता बोलत है'। अऊर हमसे कहिस है [अब्द बिन हुमैद] हमसे कहिस है [अब्दुर्राजाक] हमसे कहिस है [मामर] से [अज़ जुहरी] से [अबू सलामा] से [अबू हुरैरा] उ कहिन, 'दुइ यहूदी औरत लड़त रहीं...फिर उ हदीस के संपादन का जिक्र किहिन, लेकिन उ उल्लेख नाहीं किहिन,' अऊर निर्धारित किहिन कि औरत के विरासत - मारा गा- ओकरे बच्चन अऊर ओनके साथे रहे वालेन के लिए है'। कथावाचक कहिन- 'फिर केहू पूछिस कि हम कइसे जानित कि उनका हमल बिन मलिक नाहीं कहा जात है'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 6919, 7378, 10062, 10495, 10531, 17503
Imam Bukhari : 6243, 6395, 6396, 6397, 6398, 6399, 6773
Imam Muslim : 3183, 3184, 3185, 3188
Imam Abu Dawud : 3960, 3963, 3965
Imam Tirmidzi : 1330, 2037
Imam Nasa'i : 3277, 4735, 4736, 4737, 4744
Imam Ibnu Majah : 2629, 2630
Imam Malik : 1345
Imam Darimi : 2266, 2276