Pembunuh dan yang terbunuh sama-sama di neraka bila keduanya sama-sama berniat membunuh, dan Nabi menganjurkan wali korban memaafkan
Imam Muslim : 3181
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ الْعَنْبَرِيُّ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا أَبُو يُونُسَ عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ أَنَّ عَلْقَمَةَ بْنَ وَائِلٍ حَدَّثَهُ أَنَّ أَبَاهُ حَدَّثَهُ قَالَ إِنِّي لَقَاعِدٌ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذْ جَاءَ رَجُلٌ يَقُودُ آخَرَ بِنِسْعَةٍ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَذَا قَتَلَ أَخِي فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَقَتَلْتَهُ فَقَالَ إِنَّهُ لَوْ لَمْ يَعْتَرِفْ أَقَمْتُ عَلَيْهِ الْبَيِّنَةَ قَالَ نَعَمْ قَتَلْتَهُ قَالَ كَيْفَ قَتَلْتَهُ قَالَ كُنْتُ أَنَا وَهُوَ نَخْتَبِطُ مِنْ شَجَرَةٍ فَسَبَّنِي فَأَغْضَبَنِي فَضَرَبْتُهُ بِالْفَأْسِ عَلَى قَرْنِهِ فَقَتَلْتُهُ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَلْ لَكَ مِنْ شَيْءٍ تُؤَدِّيهِ عَنْ نَفْسِكَ قَالَ مَا لِي مَالٌ إِلَّا كِسَائِي وَفَأْسِي قَالَ فَتَرَى قَوْمَكَ يَشْتَرُونَكَ قَالَ أَنَا أَهْوَنُ عَلَى قَوْمِي مِنْ ذَاكَ فَرَمَى إِلَيْهِ بِنِسْعَتِهِ وَقَالَ دُونَكَ صَاحِبَكَ فَانْطَلَقَ بِهِ الرَّجُلُ فَلَمَّا وَلَّى قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنْ قَتَلَهُ فَهُوَ مِثْلُهُ فَرَجَعَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهُ بَلَغَنِي أَنَّكَ قُلْتَ إِنْ قَتَلَهُ فَهُوَ مِثْلُهُ وَأَخَذْتُهُ بِأَمْرِكَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَا تُرِيدُ أَنْ يَبُوءَ بِإِثْمِكَ وَإِثْمِ صَاحِبِكَ قَالَ يَا نَبِيَّ اللَّهِ لَعَلَّهُ قَالَ بَلَى قَالَ فَإِنَّ ذَاكَ كَذَاكَ قَالَ فَرَمَى بِنِسْعَتِهِ وَخَلَّى سَبِيلَهُ
हमसे कहिन है ['उबैदुल्लाह बिन मुअदज़ अल 'अनबारी] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] ने हमसे [अबू यूनुस] से [सिमक बिन हरब] से कहा है कि ['अलकमह बिन वैल] ने उनसे कहा है, कि [उनके पिता] ने एक बार उनसे कहा है, तो उन्होंने कहा, 'जब मैं पैगम्बर के साथ बैठा रहा, रस्सी से दूसर मनई का खींचत अऊर कहिन, 'हे रसूलुल्लाह, ई मनई मोर भाई का मार डारिस है!' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे पूछा: 'क्या सच है कि आपने उन्हें मार डाला?' जे ओका लइ गवा रहा, ऊ कहिस, 'सचमुच, अगर ऊ कबूल नाहीं करी, तौ मैं ओकरे किहे के सबूत लइके आउब।' जे मनई ओका मारिस रहा ऊ जवाब दिहिस, 'हाँ, हम ओका मार डारे हई'। ऊ फिर पूछिस: 'काहे मारेव?' उ जवाब दिहिस, 'जब हम अऊर उ एक पेड़ से पत्ता तोड़त रहेन, तौ उ हमका गारी दिहिस अऊर हमका गुस्सा दिहिस जब तक कि हम आपन कुल्हाड़ी ओकरे गर्दन मा मार के ओका मार डारिन'। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा: 'क्या आपके पास अपने आप को छुड़ाने के लिए कुछ है?' उ जवाब दिहिन: 'मेरे पास कुल्हाड़ी अऊर अपने शरीर पर कपड़ा के अलावा अउर कुछौ नाहीं है'। उ कहिन: 'फिर से सोचौ, कहीं तोहरे लोग तोहका खरीदै चाहत हैं?' उ जवाब दिहिन, 'मैं अपने लोगन के नजर मा सबसे घृणित मनई हउँ'। फिर उ रस्सी का फेंकिन - जवन ओनका बाँधै के लिए काम आवत रहा - अऊर कहिन: 'तब तौ तोहरे दोस्त के ऊपर है'। तब जे मनई रिपोर्ट किहिस रहा ऊ मनई के साथे चला गवा जे अपने भाई का मारिस रहा। जब उ चले गए रहे, त रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'अगर उ ओका मारत है, तौ उ हत्यारा के समान है'। तब ऊ आदमी लौटि के कहिस: 'हे अल्लाह के रसूल, सचमुच ई बात मोरे पास आई है कि तुमने कहा है: 'अगर ऊ ओका मारिस है, तौ का एकर मतलब ई है कि ऊ ओनके जइसन ही है - हत्यारा-? भले ही हम भी आपके आदेश पर लाए रहेन'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'का तुम नाहीं चाहत हौ कि ऊ तोहरे अऊर तोहरे भाई के पापन का उठावै?' उ जवाब दिहिन, 'हे अल्लाह के पैगम्बर -उ जवाब देत दिखाई दिहिन-, बिल्कुल'। कहिन, 'वह क्रिया वही क्रिया है'। 'अलकामा के पिता ने कहा, 'आखिरकार ऊ आदमी रस्सी का नीचे फेंक दिहिस - जेसे हत्यारा का बांध दीन जात रहा - अऊर ओका जाने दिहिस'।