Jiwa terbunuh secara zhalim anak adam pertama ikut menanggung dosa
Imam Muslim : 3177
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ أَبِي شَيْبَةَ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُرَّةَ عَنْ مَسْرُوقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُقْتَلُ نَفْسٌ ظُلْمًا إِلَّا كَانَ عَلَى ابْنِ آدَمَ الْأَوَّلِ كِفْلٌ مِنْ دَمِهَا لِأَنَّهُ كَانَ أَوَّلَ مَنْ سَنَّ الْقَتْلَ و حَدَّثَنَاه عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ وَعِيسَى بْنُ يُونُسَ ح و حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ كُلُّهُمْ عَنْ الْأَعْمَشِ بِهَذَا الْإِسْنَادِ وَفِي حَدِيثِ جَرِيرٍ وَعِيسَى بْنِ يُونُسَ لِأَنَّهُ سَنَّ الْقَتْلَ لَمْ يَذْكُرَا أَوَّلَ
हमका [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमीर] का बतावा गा है अऊर ई इब्न अबू स्याबा का लफादज़ है, दुइनौ जने कहिन; हमका [अबू मुआविया] से [अल अमासी] से [अब्दुल्लाह बिन मुर्रा] से [मसरूक] से [अब्दुल्लाह] से कहिन है, उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'ई हर बार नाहीं होत है जब केहू का अन्याय से मारा जात है, सिवाय आदम के बेटवा के जे आपन खून के जिम्मेदारी लेय वाला पहिला है, काहे से कि उ पहिला मानव हत्यारा रहा'। अऊर हमसे कहिस है [उथमान बिन अबू स्याबा] हमसे [जरीर] बताइस है। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [इशाक बिन इब्राहिम] हमसे [जरीर] अऊर [ईसा बिन यूनुस] कहिन हैं। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [इब्न अबू उमर] हमसे [सुफ्यान] [अल अमासी] से सब कुछ बताइन हैं ई सस्नाद के साथ। अऊर जरीर अऊर ईसा बिन यूनुस के हदीस मा कहा गा है, 'काहे से कि उहै रहा जे शुरू मा हत्या -अन्याय से-' किहिस रहा। अऊर ई नाहीं कहत है, 'मनुष्य पहिले'।