Tidak ada qishas atas gigi yang tanggal karena korban menarik tangannya dari mulut penggigit
Imam Muslim : 3172
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ حَدَّثَنَا عَطَاءٌ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ يَعْلَى بْنِ مُنْيَةَ عَنْ أَبِيهِ قَالَ أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَجُلٌ وَقَدْ عَضَّ يَدَ رَجُلٍ فَانْتَزَعَ يَدَهُ فَسَقَطَتْ ثَنِيَّتَاهُ يَعْنِي الَّذِي عَضَّهُ قَالَ فَأَبْطَلَهَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ أَرَدْتَ أَنْ تَقْضَمَهُ كَمَا يَقْضَمُ الْفَحْلُ
हमसे कहिन है [स्याबान बिन फर्रुह] हमसे कहिन है [हम्मम] हमसे कहिन है ['अथा] [शफवान बिन या'ला बिन मुनब्बिह] से [अपने पिता] से उ कहिन, 'एक आदमी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आवा रहा काहे से कि उ दूसर आदमी के हाथ का काट लिहिस रहा, फिर उ आदमी जे आपन हाथ काट लिहिस रहा - अर्थात् सामने गिर गा रहा काटने वाले व्यक्ति के दाँत -। या'ला ने कहा, 'तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, दरअसल उन्होंने कहा: 'का तुम उनका वइसने काटै चाहत हौ जइसे घोड़ा काटत है?'