Larangan bersumpah dengan nama bapak-bapak kalian
Imam Muslim : 3106
و حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى وَيَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ وَقُتَيْبَةُ وَابْنُ حُجْرٍ قَالَ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا و قَالَ الْآخَرُونَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ كَانَ حَالِفًا فَلَا يَحْلِفْ إِلَّا بِاللَّهِ وَكَانَتْ قُرَيْشٌ تَحْلِفُ بِآبَائِهَا فَقَالَ لَا تَحْلِفُوا بِآبَائِكُمْ
हमका [यह्या बिन यह्या] अऊर [यह्या बिन अय्यूब] के साथ-साथ [कुतैबा] अऊर [इब्न हुजर] से भी बतावा गा है, [यह्या बिन यह्या] कहिन; हमका सूचित किहिन है, जबकि दूसर लोग कहत हैं; हमसे [इस्माएल] - अर्थात् इब्नू जाफर - [अब्दुल्ला बिन दीनार] से कहिन है कि उ [इब्नू उमर] का कहते सुने हैं, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जो भी कसम खाता है, अल्लाह के नाम के अलावा कसम न खाए'। काहे से कि उ समय कुरैश लोग अपने पिता के नाम से कसम खात रहें, एही से उ कहिन: 'अपने पिता के नाम से कसम न खाओ'।