Larangan membeli kembali barang yang telah disedekahkan meski melalui pasar dan dengan harga yang layak
Imam Muslim : 3045
حَدَّثَنِي أُمَيَّةُ بْنُ بِسْطَامَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ يَعْنِي ابْنَ زُرَيْعٍ حَدَّثَنَا رَوْحٌ وَهُوَ ابْنُ الْقَاسِمِ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عُمَرَ أَنَّهُ حَمَلَ عَلَى فَرَسٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ فَوَجَدَهُ عِنْدَ صَاحِبِهِ وَقَدْ أَضَاعَهُ وَكَانَ قَلِيلَ الْمَالِ فَأَرَادَ أَنْ يَشْتَرِيَهُ فَأَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ لَا تَشْتَرِهِ وَإِنْ أُعْطِيتَهُ بِدِرْهَمٍ فَإِنَّ مَثَلَ الْعَائِدِ فِي صَدَقَتِهِ كَمَثَلِ الْكَلْبِ يَعُودُ فِي قَيْئِهِ و حَدَّثَنَاه ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ بِهَذَا الْإِسْنَادِ غَيْرَ أَنَّ حَدِيثَ مَالِكٍ وَرَوْحٍ أَتَمُّ وَأَكْثَرُ
ई मोका बतावा गा है [उमय्याह बिन बिस्तम] हमसे [यजीद] - अर्थात् इब्न ज़ुरै' - हमसे [रौह] - अर्थात् इब्न कासिम - [जैद बिन असलम] से [अपने पिता] से [उमर] से बतावा गा है, कि उ अल्लाह के राह मा दान मा एक घोड़ा दिहिस, लेकिन उ घोड़ा का केहू के हाथ मा पावा, काहे से कि उ एक छोट व्यक्ति के धन का बर्बाद किहिस। फिर उमर इका खरीदै चाहत रहे, फिर उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास गें अऊर ओनसे ई बारे मा बताइन, उ कहिन: 'कुछ दिरहम से देइ के भी वापस न खरीदौ, काहे से कि जवन उ वापस दिहिस है ऊ कुत्ता के उल्टी चाटै के तरह है'। हमका बतावा गा है [इब्न अबू उमर] हमका [सुफयान] से [जैद बिन असलम] से ई सनाद के साथ बतावा है, लेकिन मलिक अऊर राउह के हदीस अधिक परिपूर्ण अऊर अधिक प्रचुर मात्रा मा हैं'।