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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Belum dikatakan jual beli antara dua orang hingga mereka berpisah

Imam Muslim : 2824

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى وَيَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ وَقُتَيْبَةُ وَابْنُ حُجْرٍ قَالَ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا و قَالَ الْآخَرُونَ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ أَنَّهُ سَمِعَ ابْنَ عُمَرَ يَقُولُا قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُلُّ بَيِّعَيْنِ لَا بَيْعَ بَيْنَهُمَا حَتَّى يَتَفَرَّقَا إِلَّا بَيْعُ الْخِيَارِ

हमका [यह्या बिन यह्या], [यह्या बिन अय्यूब] अऊर [कुतैबा] अऊर [अली बिन हुजर] बताइन हैं। यह्या बिन यह्या कहिन; हमका सूचित किहिन है, जबकि दूसर कहत हैं; हमसे [इस्माइल बिन जाफर] [अब्दुल्ला बिन दीनार] से कहिन है कि उ [इब्न उमर] का कहत सुने रहे; रसूलुल्लाह सल्लल्लू अलैहि व सल्लम ने कहा: 'जब भी दुई मनई खरीद-बिक्री का लेनदेन करत हैं, तब तक उनके बीच कौनो लेनदेन नाहीं होत है - जवन सामान्य है- जब तक कि उ अलग न होइ जात हैं, सिवाय खियार से खरीद-बिक्री के - शुरुआत से विकल्प निर्धारित करत हैं-'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 4884, 5917
Imam Bukhari : 1971
Imam Muslim : 2824
Imam Nasa'i : 4398, 4399, 4400, 4401, 4402, 4403