Bolehnya bershadaqah atas nama orang tua yang telah meninggal
Imam Muslim : 2551
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ وَاللَّفْظُ لِزُهَيْرٍ قَالَا حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أُمَيَّةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ تَزَوَّجَنِي رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي شَوَّالٍ وَبَنَى بِي فِي شَوَّالٍ فَأَيُّ نِسَاءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ أَحْظَى عِنْدَهُ مِنِّي قَالَ وَكَانَتْ عَائِشَةُ تَسْتَحِبُّ أَنْ تُدْخِلَ نِسَاءَهَا فِي شَوَّالٍ و حَدَّثَنَاه ابْنُ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِعْلَ عَائِشَةَ
ई हमका [अबू बकर बिन अबी स्याबा] अऊर [जुहैर बिन हरब] द्वारा बतावा गा है जबकि जुहैर से अनुवाद दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [वाकी'] हमसे [सुफयान] से [इस्माइल बिन उमयह] से [अब्दुल्लाह बिन उर्वाह] से [उर्वाह] से ['ऐस्याह] कहिन हैं उ कहिन; 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने शव्वाल के महीने में मुझसे शादी की, और शव्वाल के महीने में मेरे साथ एक घर बनाया, तो रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पत्नियों में से कोई भी मुझसे ज्यादा किस्मत नहीं रखी'। कथावाचक कहिन; 'यही से 'ऐस्या शव्वाल के महीना मा औरतन के बियाह करै मा बहुत खुसी रही'। अऊर उ हमसे कहिन [इब्न नुमीर] हमसे कहिन [मेरे पिता] हमसे [सुफियान] कहिन कि ई तरह के सनाद के साथ, लेकिन उ 'आइशा के कर्मन का जिक्र नाहीं किहिन।