Rasulullah shallallahu 'alaihi wasallam bersabda kaum Muhajir boleh tinggal selama tiga malam sekembalinya mereka dari Mina (ketika berhajji)
Imam Muslim : 2410
و حَدَّثَنَا حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ جَمِيعًا عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ حُمَيْدٍ أَنَّهُ سَمِعَ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ يَسْأَلُ السَّائِبَ بْنَ يَزِيدَ فَقَالَ السَّائِبُ سَمِعْتُ الْعَلَاءَ بْنَ الْحَضْرَمِيِّ يَقُولُا سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ ثَلَاثُ لَيَالٍ يَمْكُثُهُنَّ الْمُهَاجِرُ بِمَكَّةَ بَعْدَ الصَّدَرِ
अऊर हमसे [हसन अल हुलवानी] अऊर [अब्दु बिन हुमैद] [याकूब बिन इब्राहिम बिन सादरी] से सबका बताइन हैं, हमसे [मेरे पिता] [सलीह] से [अब्दुर्रहमान बिन हुमैद] से कहिन हैं कि उ उमर बिन अब्दुल अजीज का [अस सायब बिन यजीद] से पूछत सुने हैं। त अस सायब जवाब दिहिन; हम [अल अला` बिन अल हदलरमी] का कहत सुने रहेन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का असर नमाज के बाद कहते सुने रहेन: 'मुहाजिर का तीन दिन मक्का मा रहै का चाही - जब जात है अऊर लौटत समय दुइनौ -'।