Nabi berdzikir, bertakbir, dan berdoa di Masy’aril Haram sebelum fajar
Imam Muslim : 2281
و حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ وَحَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى قَالَا أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ أَخْبَرَنِي يُونُسُ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ أَنَّ سَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ كَانَ يُقَدِّمُ ضَعَفَةَ أَهْلِهِ فَيَقِفُونَ عِنْدَ الْمَشْعَرِ الْحَرَامِ بِالْمُزْدَلِفَةِ بِاللَّيْلِ فَيَذْكُرُونَ اللَّهَ مَا بَدَا لَهُمْ ثُمَّ يَدْفَعُونَ قَبْلَ أَنْ يَقِفَ الْإِمَامُ وَقَبْلَ أَنْ يَدْفَعَ فَمِنْهُمْ مَنْ يَقْدَمُ مِنًى لِصَلَاةِ الْفَجْرِ وَمِنْهُمْ مَنْ يَقْدَمُ بَعْدَ ذَلِكَ فَإِذَا قَدِمُوا رَمَوْا الْجَمْرَةَ وَكَانَ ابْنُ عُمَرَ يَقُولُ أَرْخَصَ فِي أُولَئِكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
अऊर ई मोका बतावा गा है [अबू थाहिर] अऊर [हर्मलह बिन यह्या] दुइनौ कहिन, हमका सूचित किहिन हैं [इब्नू वाहब] [इब्न शिहाब] से मोका [इब्नू यूनुस] सूचित किहिन हैं कि [सलीम बिन अब्दिल्लाह] ओनका सूचित किहिन हैं, कि; [अब्दुल्लाह बिन उमर] हमेशा अपने परिवार के कमजोर सदस्यन का तब तक पहिले रखत रहें जब तक कि उ रात मा मुज़्दलिफा के मश'अरिल हराम मा रुक न सकें अऊर उहाँ अल्लाह का ज़िकर कर सकें, फिर वहिके बाद उ इमाम के खड़ा होए से पहिले आपन यात्रा फिर से जारी रख सकें अऊर आपन यात्रा जारी रख सकें, ताकि ओनमा से कुछ लोग रहें जे नमाज के दौरान मीना पहुँचे रहें अऊर उ लोग भी भोर के बाद पहुँचे रहें अऊर जब उइ पहुँचे तौ उइ तुरंत जुराह फेंक दिहिन। इब्न उमर कहिन: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ओनका रखशाह -अपवाद- दिहिस है।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 1715, 1820, 1838, 2094, 2930, 2993, 3060, 11026, 23532, 24150, 25551, 26128, 26137
Imam Bukhari : 1564, 1565, 1566, 1723
Imam Muslim : 2271, 2272, 2273, 2275, 2276, 2277, 2278, 2279, 2280, 2281
Imam Abu Dawud : 73, 1655
Imam Tirmidzi : 816
Imam Nasa'i : 2982, 2983, 2984, 2985, 2986, 2998, 3016
Imam Ibnu Majah : 3017, 3018
Imam Darimi : 1809, 1810