Mulailah puasa ketika melihat hilal Ramadhan
Imam Muslim : 1820
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ عَنْ أَبِي الْبَخْتَرِيِّ قَالَ خَرَجْنَا لِلْعُمْرَةِ فَلَمَّا نَزَلْنَا بِبَطْنِ نَخْلَةَ قَالَ تَرَاءَيْنَا الْهِلَالَ فَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ هُوَ ابْنُ ثَلَاثٍ وَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ هُوَ ابْنُ لَيْلَتَيْنِ قَالَ فَلَقِينَا ابْنَ عَبَّاسٍ فَقُلْنَا إِنَّا رَأَيْنَا الْهِلَالَ فَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ هُوَ ابْنُ ثَلَاثٍ وَقَالَ بَعْضُ الْقَوْمِ هُوَ ابْنُ لَيْلَتَيْنِ فَقَالَ أَيَّ لَيْلَةٍ رَأَيْتُمُوهُ قَالَ فَقُلْنَا لَيْلَةَ كَذَا وَكَذَا فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ مَدَّهُ لِلرُّؤْيَةِ فَهُوَ لِلَيْلَةٍ رَأَيْتُمُوهُ
हमसे कहिन [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे [मुहम्मद बिन फुदलैल] से [हुशैन] से [अमरू बिन मुर्रा] से [अबू अल बख्तारी] कहिन हैं; एक बार, हम उमरा करै के लिए बाहर गये रहेन। जब हम बाथन नखलाह मा रुकेन तौ हमका अमावस्या देखाई दिहिस तौ टोली के कुछ लोग कहिन कि 'वह तीसरी रात है'। फिर कुछ अउर कहिन, 'वह दूसरी रात रही'। फिर हम इब्न अब्बास से मिले और हमने उनसे कहा कि 'हम अमावस्या देखे हैं, फिर कुछ लोग कहिन कि तीसरी रात है, जबकि कुछ लोग कहिन कि दूसरी रात है'। त [इब्न अब्बास] पूछिन, 'तुम ओनका कौन रात देखे रहेव?' हम जवाब दिहेन, 'हम ई अऊर ई मा देखेन...' उ कहिन; बेशक रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: बेशक अल्लाह ने इसे फैलाया है ताकि यह देखा जा सके। यहिसे, रात शुरू करा जब तुम ओका देखत हौ'।