Jadikan shalat witir sebagai penutup shalat malam
Imam Muslim : 1249
و حَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الصَّمَدِ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ عَنْ أَبِي مِجْلَزٍ قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ عَنْ الْوِتْرِ فَقَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ رَكْعَةٌ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ وَسَأَلْتُ ابْنَ عُمَرَ فَقَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ رَكْعَةٌ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ
अऊर हमसे कहिस है [जुहैर बिन हरब] हमसे कहिस है [अब्दुशमद] हमसे कहिस है [हम्मम] हमसे कहिस है [कतादाह] से [अबू मिजलाज] उ कहिन; हम [इब्न अब्बास] से वित्र के बारे मा पूछेन, उ जवाब दिहिन; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'रात के नमाज के अंत से एक रकात'। अऊर हम [इब्नू उमर] से पूछेन अऊर उ जवाब दिहिन; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'रात के नमाज के अंत से एक रकात'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 2693, 3233, 4480, 4628, 4646, 4730, 4774, 4805, 4880, 5532, 5913, 5914, 6018, 6084, 6085, 10675, 10876, 10896, 11247, 13691, 13862, 14218, 14646, 24962
Imam Bukhari : 943
Imam Muslim : 1224, 1244, 1245, 1246, 1247, 1248, 1249, 1250, 1253, 1254, 1255, 1256
Imam Abu Dawud : 1156, 1211, 1226
Imam Tirmidzi : 418, 421, 430
Imam Nasa'i : 1664, 1665, 1666, 1671, 1672, 1673, 1675, 1678
Imam Ibnu Majah : 1165, 1177, 1179
Imam Darimi : 1541