Ketentuan menjama' shalat dzuhur dan 'ashar saat safar: mengakhirkan zhuhur sebelum matahari condong atau melaksanakannya jika berangkat setelah matahari condong
Imam Muslim : 1145
و حَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ وَعَمْرُو بْنُ سَوَّادٍ قَالَا أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ حَدَّثَنِي جَابِرُ بْنُ إِسْمَعِيلَ عَنْ عُقَيْلٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَنَسٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا عَجِلَ عَلَيْهِ السَّفَرُ يُؤَخِّرُ الظُّهْرَ إِلَى أَوَّلِ وَقْتِ الْعَصْرِ فَيَجْمَعُ بَيْنَهُمَا وَيُؤَخِّرُ الْمَغْرِبَ حَتَّى يَجْمَعَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ الْعِشَاءِ حِينَ يَغِيبُ الشَّفَقُ
अऊर मोका बतावा गा है कि [अबू थाहिर] अऊर [अमरू बिन साववाद] दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [इब्नू वाहब] ने हमसे [जबीर बिन इस्माइल] से ['उकैल] से [इब्नू शिहाब] से [अनस] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से कहा है, जब उ आपन यात्रा तेजी से करत है, तब उ असर के समय के शुरुआत तक दोपहर के नमाज समाप्त करत है, फिर उ दुई का बहुवचन करत है, उ इब्नू के साथ भी समाप्त होत है जब तक कि उ इब्नू `जब तक लाल मेगा गायब न होइ जाय'।