Larangan Menjadikan Kuburan Sebagai Tempat Ibadah (Masjid)
Imam Muslim : 823
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَعَمْرٌو النَّاقِدُ قَالَا حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ عَنْ هِلَالِ بْنِ أَبِي حُمَيْدٍ عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي لَمْ يَقُمْ مِنْهُ لَعَنَ اللَّهُ الْيَهُودَ وَالنَّصَارَى اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسَاجِدَ قَالَتْ فَلَوْلَا ذَاكَ أُبْرِزَ قَبْرُهُ غَيْرَ أَنَّهُ خُشِيَ أَنْ يُتَّخَذَ مَسْجِدًا وَفِي رِوَايَةِ ابْنِ أَبِي شَيْبَةَ وَلَوْلَا ذَاكَ لَمْ يَذْكُرْ قَالَتْ
हमसे [अबू बकर बिन अबी स्याबा] अऊर [अमरू अन-नकीद] दुइनौ कहिन, हमसे कहिन [हसीम बिन अल-कासिम] हमसे [सैबान] [हिलाल बिन अबी हुमैद] से [उर्वाह बिन अज़-जुबैर] से [ऐस्या राधियाल्लाहु अनहू] से कहिन; "रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी बीमारी मा कहा, जेकरे कारण उ अब उठै में सक्षम नाहीं रहे, "अल्लाह ने यहूदी अऊर ईसाइयन का सराप दिहिन जे अपने नबियन के कब्रन का मस्जिद के रूप मा इस्तेमाल करत रहें''। ऐसियाह कहिन, 'अगर अइसन न होत, तौ उनकर कब्र प्रदर्शित कीन जात, भले ही ई डर रहा कि उनकर कब्र मस्जिद मा बदल जई'। अऊर इब्न अबी स्याबा के इतिहास मा, 'अगर ई न होत, तौ उ ऐसियाह के कहे कुछ बातन का जिक्र न करत'।