Rasulullah membaca surat qaaf pada saat shalat subuh
Imam Muslim : 699
و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ رَافِعٍ قَالَا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ عَنْ سِمَاكٍ قَالَ سَأَلْتُ جَابِرَ بْنَ سَمُرَةَ عَنْ صَلَاةِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ كَانَ يُخَفِّفُ الصَّلَاةَ وَلَا يُصَلِّي صَلَاةَ هَؤُلَاءِ قَالَ وَأَنْبَأَنِي أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَقْرَأُ فِي الْفَجْرِ بِق وَالْقُرْآنِ وَنَحْوِهَا
अऊर हमसे कहिस है [अबू बकर बिन अबी स्याबा] अऊर [मुहम्मद बिन रफी'] अऊर लफाज़ इब्न रफी का है', दुइनौ कहिन, हमसे कहिन है [यह्या बिन आदम] हमसे [जुहैर] [सिमक] से कहिन है, उ कहिन, 'मैंने [जाबीर बिन समुराह] से प्रोफल्लाह वल्लहुलाह के नमाज के बारे मा पूछा है, जवाब दिहिन, 'अतीत मा उ प्रार्थना का हल्का किहिन, अऊर ओनके प्रार्थना के तरह प्रार्थना नाहीं किहिन'। उ कहिन, 'अऊर उ मोका सूचित किहिन हैं कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सुबह के नमाज मा 'काफ वल कुरान' अऊर वइसन कुछ पढ़त रहें।