Jangan tertipu oleh amal yang tampak
Imam Bukhari : 3885
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي حَازِمٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ سَهْلٍ قَالَ الْتَقَى النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَالْمُشْرِكُونَ فِي بَعْضِ مَغَازِيهِ فَاقْتَتَلُوا فَمَالَ كُلُّ قَوْمٍ إِلَى عَسْكَرِهِمْ وَفِي الْمُسْلِمِينَ رَجُلٌ لَا يَدَعُ مِنْ الْمُشْرِكِينَ شَاذَّةً وَلَا فَاذَّةً إِلَّا اتَّبَعَهَا فَضَرَبَهَا بِسَيْفِهِ فَقِيلَ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا أَجْزَأَ أَحَدٌ مَا أَجْزَأَ فُلَانٌ فَقَالَ إِنَّهُ مِنْ أَهْلِ النَّارِ فَقَالُوا أَيُّنَا مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ إِنْ كَانَ هَذَا مِنْ أَهْلِ النَّارِ فَقَالَ رَجُلٌ مِنْ الْقَوْمِ لَأَتَّبِعَنَّهُ فَإِذَا أَسْرَعَ وَأَبْطَأَ كُنْتُ مَعَهُ حَتَّى جُرِحَ فَاسْتَعْجَلَ الْمَوْتَ فَوَضَعَ نِصَابَ سَيْفِهِ بِالْأَرْضِ وَذُبَابَهُ بَيْنَ ثَدْيَيْهِ ثُمَّ تَحَامَلَ عَلَيْهِ فَقَتَلَ نَفْسَهُ فَجَاءَ الرَّجُلُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَشْهَدُ أَنَّكَ رَسُولُ اللَّهِ فَقَالَ وَمَا ذَاكَ فَأَخْبَرَهُ فَقَالَ إِنَّ الرَّجُلَ لَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْجَنَّةِ فِيمَا يَبْدُو لِلنَّاسِ وَإِنَّهُ لَمِنْ أَهْلِ النَّارِ وَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ النَّارِ فِيمَا يَبْدُو لِلنَّاسِ وَهُوَ مِنْ أَهْلِ الْجَنَّةِ
हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन मसलामा] हमसे [इब्न अबू हाजिम] [अपने पिता] से [सहल] से कहिन हैं उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अपने युद्ध मा मुश्रिकिन का सामना किहिन, फिर उ एक दूसरे पर हमला किहिन। फिर हर दल अपनी सेना मा शामिल होइ गवा। इ बीच, मुसलमानन मा एक अइसन मनई अहै जे मुशरिका का तब तक नाहीं बख्शत जब तक कि उ आपन तलवार से ओकर सिर काटै के लिए ओकर पीछा करत रहा। केहू कहिस; 'हे अल्लाह के रसूल जो फलाने को मिला है वह इनाम किसी को नहीं मिला'। तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'वास्तव मा ऊ मनई नरक के निवासियन मा से अहै'। उइ वापस पूछिन; 'फिर हममें से कौन स्वर्ग के निवासी है अगर ऐसे लोग नरक के निवासी हैं?'। तब मुसलमानों में से एक आदमी ने कहा; 'मैं ओकरे पीछे चलब'। यहिसे ऊ मनई का पीछा करत रहा, ताकि जब ऊ गति बढ़ावत रहा या धीमा होत रहा, तौ मैं हमेशा ओकरे साथ रहत रहौं। अंत मा ऊ गंभीर रूप से घायल होइगा, जब ऊ मरत रहा, तौ ऊ आपन तलवार जमीन पर रखिस अऊर तलवार के नोक ओकरे दुइनौ छाती के बीच मा रख दिहिस, फिर ऊ ओका दबाइस, आखिर ऊ खुद का मार डारिस। तो उनके पीछे चलने वाला व्यक्ति पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गया और बोला; 'मैं गवाह हौं कि तुम सचमुच अल्लाह के दूत हौ'। उ पूछिन: 'तुम अइसन काहे कहत हौ?'। ऊ मनई ओका बताइस। तब उ कहिन: 'वास्तव मा कोई अइसा है जउन स्वर्ग के लोगन के कर्मन के अनुसार काम करत है, जवन मनुष्यन का दिखाई देत है, भले ही उ नरक के लोगन से होय। अऊर एक अइसन मनई अहै जे स्वर्ग के लोगन से होय के बावजूद मनुष्यन का जवन दिखाई देत है, वहिके आधार पर नरक के लोगन के कर्मन का करत है'।