Mengamalkan amalan ahli surga, akhir hidupnya dengan amalan ahli neraka, amalan ahli neraka akhir hidupnya dengan amalan ahli surga
Imam Ahmad : 7415
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ أَشْعَثَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الرَّجُلَ لَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ الْخَيْرِ سَبْعِينَ سَنَةً فَإِذَا أَوْصَى حَافَ فِي وَصِيَّتِهِ فَيُخْتَمُ لَهُ بِشَرِّ عَمَلِهِ فَيَدْخُلُ النَّارَ وَإِنَّ الرَّجُلَ لَيَعْمَلُ بِعَمَلِ أَهْلِ الشَّرِّ سَبْعِينَ سَنَةً فَيَعْدِلُ فِي وَصِيَّتِهِ فَيُخْتَمُ لَهُ بِخَيْرِ عَمَلِهِ فَيَدْخُلُ الْجَنَّةَ قَالَ ثُمَّ يَقُولُ أَبُو هُرَيْرَةَ وَاقْرَءُوا إِنْ شِئْتُمْ { تِلْكَ حُدُودُ اللَّهِ إِلَى قَوْلِهِ عَذَابٌ مُهِينٌ }
हमसे कहिन है [अब्दुर्राज्जाक] हमसे [मामर] से [अश'थ बिन अब्दुल्ला] से [स्याहर बिन हौस्याब] से [अबू हुरैरा] से कहिन हैं, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम ने कहा: 'वास्तव में एक आदमी रहा जे सत्तर साल तक अच्छा काम करत रहा, फिर जब उ वसीयत करत रहा तो उ आपन वसीयत मा अन्याय करत रहा जब तक कि ओकर जीवन ओकर सबसे बुरा काम के साथ खतम नाहीं होत रहा तौ उ नरक मा चला गवा, अऊर निश्चित रूप से एक आदमी रहा जे सत्तर साल तक बुरा काम करत रहा, तब तक उ आपन वसीयत के साथ न्याय करत रहा जब तक कि उ आपन वसीयत करत रहा। अपने कर्मन मा से सबसे अच्छा तौ उ स्वर्ग मा प्रवेश किहिन'। स्याहर बिन हौस्यब ने कहा: तब अबू हुरैरा ने कहा; अऊर अगर आप चाहत हई तौ पढ़ौ; ' -ई कानून - ई अल्लाह से प्रावधान हैं - उनके वचन तक - अऊर उनके लिए एक अपमानजनक सजा है'।