Nabi melarang membunuh ular yang menghuni rumah-rumah (diduga jelmaan jin islam yang tinggal di rumah)
Imam Bukhari : 3066
حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ عَنْ نَافِعٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَنَّهُ كَانَ يَقْتُلُ الْحَيَّاتِ فَحَدَّثَهُ أَبُو لُبَابَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ قَتْلِ جِنَّانِ الْبُيُوتِ فَأَمْسَكَ عَنْهَا
"हमसे कहिन है [मलिक बिन इस्माइल] हमसे [जरीर बिन हाजिम] से [नफी] से [इब्नू उमर रदलियाल्लाहु अनहुमा] से कहिन है कि उ एक बार एक साँप का मारिस रहा फिर [अबू लुबाबाह] ने उनसे कहा कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मनुष्य के घरन मा रहय वाले साँपन का मारय से मना किहिन रहा, तब से उमनुब उमर नाहीं मारिन है ओनका'।