Larangan menyewakan sawah akibat unsur ketidakpastian (gharar)
Imam Nasa'i : 3843
أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي عَنْ جَدِّي قَالَ أَخْبَرَنِي عُقَيْلُ بْنُ خَالِدٍ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ قَالَ أَخْبَرَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ كَانَ يُكْرِي أَرْضَهُ حَتَّى بَلَغَهُ أَنَّ رَافِعَ بْنَ خَدِيجٍ كَانَ يَنْهَى عَنْ كِرَاءِ الْأَرْضِ فَلَقِيَهُ عَبْدُ اللَّهِ فَقَالَ يَا ابْنَ خَدِيجٍ مَاذَا تُحَدِّثُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي كِرَاءِ الْأَرْضِ فَقَالَ رَافِعٌ لِعَبْدِ اللَّهِ سَمِعْتُ عَمَّيَّ وَكَانَا قَدْ شَهِدَا بَدْرًا يُحَدِّثَانِ أَهْلَ الدَّارِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ كِرَاءِ الْأَرْضِ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ فَلَقَدْ كُنْتُ أَعْلَمُ فِي عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ الْأَرْضَ تُكْرَى ثُمَّ خَشِيَ عَبْدُ اللَّهِ أَنْ يَكُونَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحْدَثَ فِي ذَلِكَ شَيْئًا لَمْ يَكُنْ يَعْلَمُهُ فَتَرَكَ كِرَاءَ الْأَرْضِ أَرْسَلَهُ شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ
हमसे कहिन है [अब्दुल मलिक बिन स्यूएब बिन अल लैट्स बिन सद] हमसे [मेरे पिताजी] से [मेरे दादा] ने बताया है ['उकैल बिन खालिद] से [इब्न शिहाब] ने मुझसे कहा है [सलीम बिन अब्दुल्ला] कि अब्दुल्ला बिन उमर ने एक बार अपनी जमीन किराए पर दी जब तक कि खबर नहीं पहुंची जब तक कि खबर नहीं पहुंच गई - ख़ादी बिन खादी से किराए पर ले जमीन से बाहर। फिर अब्दुल्ला बिन उमर उनसे मिले अऊर कहिन; 'हे इब्न खदीज तुमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से जमीन किराए पर लेने के बारे में क्या बताया?' तब रफीअ ने अब्दुल्ला से कहा; 'मैंने दुइनौ [मेरे चाचा] का सुना अऊर उ लोग बदर के लड़ाई के गवाह रहे, उ लोग बदर के विशेषज्ञन से कहिन कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम जमीन किराए पर लेय से मना किहिन'। अब्दुल्ला कहिन; 'वास्तव मा, हम पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय जानत रहेन कि जमीन किराए पर दीन जात है'। तब अब्दुल्ला चिंतित रहे कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कुछ अइसन तय किहिन हैं जेकरे बारे मा उनका पता नाहीं रहा, यहिसे उ जमीन के पट्टा छोड़ दिहिन। ई हदीस का अनुवाद स्यूअइब बिन अबू हमजाह द्वारा कीन गा रहा।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 4275, 5067, 13800, 14108, 14113, 14649, 14715, 15258, 15265, 16619, 16621, 16649, 18228
Imam Bukhari : 3710
Imam Muslim : 2860, 2861, 2872, 2873, 2874, 2880, 2881, 2882, 2883, 2884, 2887
Imam Abu Dawud : 2931, 2945, 2946, 2952
Imam Nasa'i : 3802, 3807, 3818, 3828, 3840, 3843, 3844, 3846, 3848, 3849, 3851, 3852, 3853, 3854, 3855, 3865, 4455, 4547, 4548
Imam Ibnu Majah : 2444, 2445, 2446
Imam Malik : 1199
Imam Darimi : 2503