Imam Tirmidzi : 3644
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ حَدَّثَنَا أَبِي وَيَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ حَدَّثَنِي أَبُو سَهْلَةَ قَالَ قَالَ عُثْمَانُ يَوْمَ الدَّارِ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَدْ عَهِدَ إِلَيَّ عَهْدًا فَأَنَا صَابِرٌ عَلَيْهِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ إِسْمَعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ
हमसे कहिन है [सुफयान बिन वाकी'] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] अऊर [यह्या बिन सैद] से [इस्माइल बिन अबू खालिद] से [कैस बिन अबू हाजिम] ने हमसे कहिन हैं [अबू सह्लाह] उ कहिन; 'दार के दिन - उथमान के अपने घर के घेराबंदी के घटना - [उथमान] ने कहा; 'वास्तव में, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझसे एक वसीयत के साथ वसीयत की है, ताकि मैं उस वसीयत के साथ धैर्य रखूँ'। अबू ईसा कहिन; 'ई हदीस एक हसन शाहिह गरीब हदीस है, हम इस्माइल बिन अबू खालिद के हदीस के अलावा ई हदीस के रिवायत नाहीं जानित है'।