Imam Tirmidzi : 3018
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ حَدَّثَنَا رِشْدِينُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ عَنْ دَرَّاجٍ عَنْ أَبِي الْهَيْثَمِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا رَأَيْتُمْ الرَّجُلَ يَعْتَادُ الْمَسْجِدَ فَاشْهَدُوا لَهُ بِالْإِيمَانِ قَالَ اللَّهُ تَعَالَى { إِنَّمَا يَعْمُرُ مَسَاجِدَ اللَّهِ مَنْ آمَنَ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ } حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ وَهْبٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ الْحَارِثِ عَنْ دَرَّاجٍ عَنْ أَبِي الْهَيْثَمِ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَحْوَهُ إِلَّا أَنَّهُ قَالَ يَتَعَاهَدُ الْمَسْجِدَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَأَبُو الْهَيْثَمِ اسْمُهُ سُلَيْمَانُ بْنُ عَمْرِو بْنِ عَبْدٍ الْعُتْوَارِيُّ وَكَانَ يَتِيمًا فِي حِجْرِ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ
हमसे कहिन है [अबू कुरैब] हमसे कहिन है [रिसिदीन बिन साद] से [अमरू बिन अल हरिथ] से [दरराज] से [अबू अल हैत्साम] से [अबू सैद] कहिन: 'अगर आप एक साधारण व्यक्ति का देखत हैं - एक मस्जिद का दौरा करत हैं, तौ उ एक अहै, तौ अल्लाह ओनका विश्वास किहिन': अल्लाह के मस्जिदन का समृद्ध करै वाले वै हैं जे अल्लाह अऊर आखिरी दिन मा विश्वास करत हैं'। -तौबाह मा: 18-। हमसे कहिन है [इब्न अबू उमर] हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन वहब] से [अमरू बिन अल हरिथ] से [दरराज] से [अबू अल हैत्साम] से [अबू सैद] से पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से, वइसने, केवल उ एक संपादक के साथ कहिन; यताअहदुल मस्जिद -मस्जिदन मा बार-बार जाय-। अबू ईसा ने कहा कि यह हदीस हसन गरीब है। अबू अल हैत्साम का नाम सुलेमान बिन अमरू बिन अब्दु अल उत्वारी है, उ अबू सैद अल खुदरी के देखभाल मा एक अनाथ है।