Imam Tirmidzi : 2987
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ حَبِيبٍ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ خِلَاسِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أُنْزِلَتْ الْمَائِدَةُ مِنْ السَّمَاءِ خُبْزًا وَلَحْمًا وَأُمِرُوا أَنْ لَا يَخُونُوا وَلَا يَدَّخِرُوا لِغَدٍ فَخَانُوا وَادَّخَرُوا وَرَفَعُوا لِغَدٍ فَمُسِخُوا قِرَدَةً وَخَنَازِيرَ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ قَدْ رَوَاهُ أَبُو عَاصِمٍ وَغَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ خِلَاسٍ عَنْ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ مَوْقُوفًا وَلَا نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلَّا مِنْ حَدِيثِ الْحَسَنِ بْنِ قَزَعَةَ حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ حَبِيبٍ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي عَرُوبَةَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَرْفَعْهُ وَهَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ الْحَسَنِ بْنِ قَزَعَةَ وَلَا نَعْلَمُ لِلْحَدِيثِ الْمَرْفُوعِ أَصْلًا
हमसे कहिन है [अल हसन बिन काजाअह अल बशरी] हमसे कहिन हैं [सुफयान बिन हुबैब] हमसे [सैद] [कतादाह] से [खिलास बिन अमरू] से ['अम्मर बिन यासिर] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'रोटी अऊर मांस के रूप मा खाना के व्यंजन आसमान से उतरे, ओनका आदेश मिला कि विश्वासघात न करौ अऊर कल के लिए बचत न करौ। लेकिन उइ धोखा दिहिन अऊर बचाइन अऊर उइ अगले दिन के लिए उठाइन। फिर ओनके चेहरा बंदर अऊर सुअर के रूप मा बदल गें। अबू ईसा कहिन; ई हदीस गरीब है। [अबू अशीम] अऊर दूसरन ने [सईद बिन अबू 'अरुबाह] से [कतादाह] से [खिलास] से ['अम्मर बिन यासिर] से मौक़ुफ मा अऊर हम अल हसन बिन काज़ाह के हदीस के अलावा इका मार्फू नाहीं जानित है। हमसे [हुमैद बिन मसअदह] हमसे [सुफयान बिन हुबैब] से [सैद बिन अबू अरुबाह] से ऊपर के हदीस के तरह बताइन है, लेकिन उ ईका समझत नाहीं हैं। ई अल हसन बिन काज़ाह के हदीस से ज्यादा प्रामाणिक है अऊर हमका ई बिल्कुल भी पता नाहीं है कि ई हदीस मार्फू है।