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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 2985

حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ أَحْمَدَ بْنِ أَبِي شُعَيْبٍ الْحَرَّانِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ الْحَرَّانِيُّ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ عَنْ أَبِي النَّضْرِ عَنْ بَاذَانَ مَوْلَى أُمِّ هَانِئٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ عَنْ تَمِيمٍ الدَّارِيِّ فِي هَذِهِ الْآيَةِ { يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا شَهَادَةُ بَيْنِكُمْ إِذَا حَضَر أَحَدَكُمْ الْمَوْتُ } قَالَ بَرِئَ مِنْهَا النَّاسُ غَيْرِي وَغَيْرَ عَدِيَّ بْنِ بَدَّاءٍ وَكَانَا نَصْرَانِيَّيْنِ يَخْتَلِفَانِ إِلَى الشَّامِ قَبْلَ الْإِسْلَامِ فَأَتَيَا الشَّامَ لِتِجَارَتِهِمَا وَقَدِمَ عَلَيْهِمَا مَوْلًى لِبَنِي هَاشِمٍ يُقَالُ لَهُ بُدَيْلُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ بِتِجَارَةٍ وَمَعَهُ جَامٌ مِنْ فِضَّةٍ يُرِيدُ بِهِ الْمَلِكَ وَهُوَ عُظْمُ تِجَارَتِهِ فَمَرِضَ فَأَوْصَى إِلَيْهِمَا وَأَمَرَهُمَا أَنْ يُبَلِّغَا مَا تَرَكَ أَهْلَهُ قَالَ تَمِيمٌ فَلَمَّا مَاتَ أَخَذْنَا ذَلِكَ الْجَامَ فَبِعْنَاهُ بِأَلْفِ دِرْهَمٍ ثُمَّ اقْتَسَمْنَاهُ أَنَا وَعَدِيُّ بْنُ بَدَّاءٍ فَلَمَّا قَدِمْنَا إِلَى أَهْلِهِ دَفَعْنَا إِلَيْهِمْ مَا كَانَ مَعَنَا وَفَقَدُوا الْجَامَ فَسَأَلُونَا عَنْهُ فَقُلْنَا مَا تَرَكَ غَيْرَ هَذَا وَمَا دَفَعَ إِلَيْنَا غَيْرَهُ قَالَ تَمِيمٌ فَلَمَّا أَسْلَمْتُ بَعْدَ قُدُومِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ تَأَثَّمْتُ مِنْ ذَلِكَ فَأَتَيْتُ أَهْلَهُ فَأَخْبَرْتُهُمْ الْخَبَرَ وَأَدَّيْتُ إِلَيْهِمْ خَمْسَ مِائَةِ دِرْهَمٍ وَأَخْبَرْتُهُمْ أَنَّ عِنْدَ صَاحِبِي مِثْلَهَا فَأَتَوْا بِهِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَسَأَلَهُمْ الْبَيِّنَةَ فَلَمْ يَجِدُوا فَأَمَرَهُمْ أَنْ يَسْتَحْلِفُوهُ بِمَا يُقْطَعُ بِهِ عَلَى أَهْلِ دِينِهِ فَحَلَفَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ { يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا شَهَادَةُ بَيْنِكُمْ إِذَا حَضَرَ أَحَدَكُمْ الْمَوْتُ إِلَى قَوْلِهِ أَوْ يَخَافُوا أَنْ تُرَدَّ أَيْمَانٌ بَعْدَ أَيْمَانِهِمْ } فَقَامَ عَمْرُو بْنُ الْعَاصِ وَرَجُلٌ آخَرُ فَحَلَفَا فَنُزِعَتْ الْخَمْسُ مِائَةِ دِرْهَمٍ مِنْ عَدِيِّ بْنِ بَدَّاءٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ وَلَيْسَ إِسْنَادُهُ بِصَحِيحٍ وَأَبُو النَّضْرِ الَّذِي رَوَى عَنْهُ مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ هَذَا الْحَدِيثَ هُوَ عِنْدِي مُحَمَّدُ بْنُ السَّائِبِ الْكَلْبِيُّ يُكْنَى أَبَا النَّضْرِ وَقَدْ تَرَكَهُ أَهْلُ الْعِلْمِ بِالْحَدِيثِ وَهُوَ صَاحِبُ التَّفْسِيرِ سَمِعْت مُحَمَّدَ بْنَ إِسْمَعِيلَ يَقُولُ مُحَمَّدُ بْنُ السَّائِبِ الْكَلْبِيُّ يُكْنَى أَبَا النَّضْرِ وَلَا نَعْرِفُ لِسَالِمٍ أَبِي النَّضْرِ الْمَدَنِيِّ رِوَايَةً عَنْ أَبِي صَالِحٍ مَوْلَى أُمِّ هَانِئٍ وَقَدْ رُوِيَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ شَيْءٌ مِنْ هَذَا عَلَى الِاخْتِصَارِ مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ

हमसे कहिन है [अल हसन बिन अहमद बिन अबू स्यूअइब अल हररानी] हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन सलामा अल हररानी] हमसे [मुहम्मद बिन इशाक] से [अबू अन नदलर] से [बदज़ान] से [इब्न अब्बास] से [इब्न अब्बास] से संबंधित एक पूर्व गुलाम उम्म हनी से [इब्न अब्बास] अदमी के बारे मा ई बात के बारे मा विश्वास करत हैं, अगर आप लोगन मा से एक के बारे मा विश्वास करत हैं। मृत्यु, जब उ वसीयत बनावै वाला है, तब वसीयत आपके बीच से दुइ न्यायी लोगन द्वारा गवाह बनै। क्यूएस अल मैदाह: 109, तमीम ने कहा; 'मुझे और आदि बिन बड्डा के अलावा इस छंद से लोग आजाद हैं'। पहिले, दुनौ ईसाई रहें, जे इस्लाम से पहिले बारी-बारी से सीरिया जात रहें। दुनौ सीरिया मा व्यापार करै आए रहे, दुनौ के पास बनी हाशिम से संबंधित एक गुलाम बुदैल बिन अबू मरियम अपने माल के साथे आवा रहा, उ एक चाँदी का कप लइके आवा रहा जेका उ राजा के पास ले जाय चाहत रहा, ई वस्तु ओकर सबसे बड़ी व्यापारिक वस्तु रही। ऊ बीमार होइगा अऊर ओन दुइनौ से वसीयत बनाइस अऊर ओनका आदेश दिहिस कि ऊ जवन कुछ छोड़ि के अपने परिवार तक पहुँचावा जाय। तमीम कहिन; जब उ मर गें, तौ हम गिलास लइके एक हजार दिरहम मा बेच दिहेन, हम ओका आदि बिन बड्डा` अऊर हमरे बीच मा बाँट दिहेन। जब हम उनके परिवार के पास गयेन तौ हम जवन लइ आये रहेन ओनका सौंप दिहेन। उइ गिलास खो दिहिन अऊर हमसे यहिके बारे मा पूछिन। हम जवाब दिहेन; 'उनका यहिके अलावा कुछौ नाहीं छोड़ा अऊर उ कुछौ अउर नाहीं छोड़िन'। तमीम कहिन; 'जब हम इस्लाम धर्म अपनायेन, यानी जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना पहुँचे, तौ हमका वहिके कारन अपराधबोध महसूस भवा, यहिसे हम उनके परिवार के पास गयेन अऊर हम ओनका खबर -सच्चाई- बतायेन। मैं ओनका पाँच सौ दिरहम दिहेंव अऊर मैं ओनसे कहिन कि मोर दोस्त के पास उ रकम है। फिर उइ ओका रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने लइ आए, उइ ओनसे सबूत माँगिन अऊर फिर ओनसे आदेश दिहिन कि उइ ओनसे अपने धर्म के आधार पर फैसला के साथ शपथ लेय का कहिन। उ कसम खाई तब अल्लाह ने ई आयत भेजी, हे तुम लोग जे इमानदार हैं, अगर तुममें से एक का मौत का सामना करै का परत है, जब उ वसीयत करै वाला है, तौ वसीयत तुमरे बीच से दुई न्यायी लोगन द्वारा गवाह हो - आयत तक - या वे डरत हैं कि कसम उनके कसम के बाद लौटा दीन जइहैं QS अल माईदा: 109. अमरू बिन अल अशोद अऊर एक अउर व्यक्ति, तब ओनमा से एक सौ कसम खाई आदि बिन बड्डा से 10 दिरहम लिए गए थे`'। अबू ईसा कहिन; ई हदीस गरीब है अऊर सनाद प्रामाणिक नाहीं है। अबू अन नदल जहाँ मुहम्मद बिन इशाक ने उनसे ई हदीस सुनाई है, हमका लागत है कि उ मुहम्मद बिन अस साईब अल कलबी हैं, उनकर कुन-यह अबू अन नदल है। विद्वान लोग आपन हदीस छोड़िन अऊर उनके पास तफसीर के किताब भी रही। हम एक बार मुहम्मद बिन इस्माइल का कहते सुने रहेन; मुहम्मद बिन अस साईब अल कलबी के पिता अबू अन नदलर रहे अऊर हमका ई पता नाहीं रहा कि सलीम बिन अबू अन नदलर अल मदनी के अबू सालिह, उम्म हानी के गुलाम से इतिहास रहा। इनमा से कुछ हदीस इब्न अब्बास से दुसरे सनाद के माध्यम से संक्षेप मा सुनाई गै रहीं।