Imam Tirmidzi : 2917
حَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ مُوسَى وَرَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنْ أُمَيَّةَ أَنَّهَا سَأَلَتْ عَائِشَةَ عَنْ قَوْلِ اللَّهِ تَعَالَى { إِنْ تُبْدُوا مَا فِي أَنْفُسِكُمْ أَوْ تُخْفُوهُ يُحَاسِبْكُمْ بِهِ اللَّهُ } وَعَنْ قَوْلِهِ { مَنْ يَعْمَلْ سُوءًا يُجْزَ بِهِ } فَقَالَتْ مَا سَأَلَنِي عَنْهَا أَحَدٌ مُنْذُ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ هَذِهِ مُعَاتَبَةُ اللَّهِ الْعَبْدَ فِيمَا يُصِيبُهُ مِنْ الْحُمَّى وَالنَّكْبَةِ حَتَّى الْبِضَاعَةُ يَضَعُهَا فِي كُمِّ قَمِيصِهِ فَيَفْقِدُهَا فَيَفْزَعُ لَهَا حَتَّى إِنَّ الْعَبْدَ لَيَخْرُجُ مِنْ ذُنُوبِهِ كَمَا يَخْرُجُ التِّبْرُ الْأَحْمَرُ مِنْ الْكِيرِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ حَدِيثِ عَائِشَةَ لَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ
हमसे ['अब्द बिन हुमैद] हमका [अल हसन बिन मूसा] अऊर [रौह बिन उबादा] से [हम्मद बिन सलामा] से [अली बिन जैद] से ['उमैया] से कहिन है, उ ['आइशा] से अल्लाह ताआला के वचनन के बारे मा पूछिन: अगर आप अपने दिल मा जवन है ओका जन्म देत हैं या आप ओका छुपावत हैं, तौ अल्लाह निश्चित रूप से अपने इच्छुक के बारे मा गणना करिहैं। QS अल-बकराह: 284, अऊर उनके शब्द: जे बुराई करत है, ओका निश्चित रूप से उ बुराई से बदला मिली। QS अन-निसा`: 123. 'ऐस्याह ने जवाब दिया: 'जब से मैंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से पूछा है, तब से कोई भी मुझसे इस बारे में नहीं पूछा है, उन्होंने कहा: 'यह अल्लाह का एक सेवक से बुखार और दुर्भाग्य के लिए डांट है, जब तक कि चीजें - कुछ खजाने - जो तब तक उनके पास रखे गए थे, तब तक गायब नहीं हो गए, तब तक यहिके बारे मा दुखी, जब तक कि एक नौकर सचमुच अपने पापन से बाहर नाहीं आवा जइसे लाल धातु के गोली शिखा से बाहर आवत हैं'। अबू ईसा कहिन; ई हदीस ऐसियाह के हदीस से हसन शाहि गरीब है, हम तो केवल हम्माद बिन सलामा जी के हदीस से जानत हैं।