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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 2901

حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَطَاءٍ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَعْمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْحَجُّ عَرَفَاتٌ الْحَجُّ عَرَفَاتٌ الْحَجُّ عَرَفَاتٌ أَيَّامُ مِنًى ثَلَاثٌ { فَمَنْ تَعَجَّلَ فِي يَوْمَيْنِ فَلَا إِثْمَ عَلَيْهِ وَمَنْ تَأَخَّرَ فَلَا إِثْمَ عَلَيْهِ } وَمَنْ أَدْرَكَ عَرَفَةَ قَبْلَ أَنْ يَطْلُعَ الْفَجْرُ فَقَدْ أَدْرَكَ الْحَجَّ قَالَ ابْنُ أَبِي عُمَرَ قَالَ سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ وَهَذَا أَجْوَدُ حَدِيثٍ رَوَاهُ الثَّوْرِيُّ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَرَوَاهُ شُعْبَةُ عَنْ بُكَيْرِ بْنِ عَطَاءٍ وَلَا نَعْرِفُهُ إِلَّا مِنْ حَدِيثِ بُكَيْرِ بْنِ عَطَاءٍ

हमसे कहिन है [इब्न अबू उमर] हमसे कहिन है [सुफियान बिन 'उयैना] से [सुफियान अत्स त्सौरी] से [बुकैर बिन अथा`] से [अब्दुर्रहमान बिन यामर] उ कहिन; रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'हज -वुकुफ इन-अरफा है, हज -वुकुफ इन-अरफा है, हज -वुकुफ इन-अरफा है, और तीन दिन मीना में, जो दो दिन बाद जल्दी -मीना से- जाना चाहता है, तो उसके लिए कोई पाप नहीं है, और जो चाहता है कि उससे -दो प्रस्थान करे दिन, तब ओकरे लिए कौनो पाप नाहीं है QS अल-बकराह: 203. अऊर जे भोर से पहिले अराफात से मिलत है, ओकर मतलब है कि उ हज से मिल चुका है। इब्न उमर कहिन; सुफयान बिन उयैना ने कहा; ई अत्स त्सौरी द्वारा सुनाई गई सबसे अच्छी हदीस है। अबू ईसा कहिन; ई हदीस सही अहै। [स्युबाह] ने भी [बुकैर बिन अथा`] से रिवायित किया है, हम केवल बुकैर बिन अथा` के हदीस से जानत हैं।