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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 2430

حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ إِسْمَعِيلَ بْنِ مُجَالِدٍ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ ح قَالَ و أَخْبَرَنَا سَلَمَةُ بْنُ شَبِيبٍ حَدَّثَنَا أُمَيَّةُ بْنُ الْقَاسِمِ الْحَذَّاءُ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ غِيَاثٍ عَنْ بُرْدِ بْنِ سِنَانٍ عَنْ مَكْحُولٍ عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الْأَسْقَعِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُظْهِرْ الشَّمَاتَةَ لِأَخِيكَ فَيَرْحَمَهُ اللَّهُ وَيَبْتَلِيكَ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ وَمَكْحُولٌ قَدْ سَمِعَ مِنْ وَاثِلَةَ بْنِ الْأَسْقَعِ وَأَنَسِ بْنِ مَالِكٍ وَأَبِي هِنْدٍ الدَّارِيِّ وَيُقَالُ إِنَّهُ لَمْ يَسْمَعْ مِنْ أَحَدٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَّا مِنْ هَؤُلَاءِ الثَّلَاثَةِ وَمَكْحُولٌ شَامِيٌّ يُكْنَى أَبَا عَبْدِ اللَّهِ وَكَانَ عَبْدًا فَأُعْتِقَ وَمَكْحُولٌ الْأَزْدِيُّ بَصْرِيٌّ سَمِعَ مِنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ يَرْوِي عَنْهُ عُمَارَةُ بْنُ زَاذَانَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ عَنْ تَمِيمِ بْنِ عَطِيَّةَ قَالَ كَثِيرًا مَا كُنْتُ أَسْمَعُ مَكْحُولًا يُسْئِلُ فَيَقُولُ نَدَانَمْ

हमसे कहिस है [उमर बिन इस्माइल बिन मुजालिद अल हमदानी] हमसे कहिस है [हाफस बिन घियात्स], - कथन के एक अउर तरीका से - तिर्मिधि ने कहा: हमसे कहिस है [सलामा बिन स्याबिब] हमसे कहिस है [उमय्याह बिन अल कासिम अल हडजा' अल बशरी] हमसे कहिस है [हफस बिन बिनन से [मुजालिद] बिनन]। [वत्सिलाह बिन अल असका'] से कहा: रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अपने भाई पर आई आपदा से खुश महसूस न करौ, काहे से कि कौन जानत है, अल्लाह बाद मा ओका दया कर सकत है अऊर बदले मा तोहका परख सकत है'। उ कहिन: ई हदीस हसन गरीब, जहाँ तक मुखुल के बात है, उ इका वत्सिलाह बिन अल असका, अनस बिन मलिक अऊर अबू हिंदी अद डारी से सुने रहे, अऊर ई भी कहा जात रहा कि उ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के कौनो भी साथी से ईका कभी नाहीं सुने रहे सिवाय ओन तीन लोगन के, मखुल एक प्राचीन सियबुली रहे, तब अबुल एक गुलाम रहे, तब मखुल अल अजदी बसरा से रहे, उ अब्दुल्ला बिन उमर से सुने रहे अऊर उमारा बिन ज़दजान ने उनसे सुनाई है। हमसे कहिन है अली बिन हुजर हमसे कहिन है इस्माइल बिन अय्यासी से तमीम बिन अथिय्याह कहिन: ज्यादातर हम मुखुल से सुनेन जब पूछा गा तौ उ जवाब दिहिन: नदानम -फारसी का मतलब पता नाहीं है-।