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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Tirmidzi : 2429

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْحَسَنِ بْنِ أَبِي يَزِيدَ الْهَمْدَانِيُّ عَنْ ثَوْرِ بْنِ يَزِيدَ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ عَيَّرَ أَخَاهُ بِذَنْبٍ لَمْ يَمُتْ حَتَّى يَعْمَلَهُ قَالَ أَحْمَدُ مِنْ ذَنْبٍ قَدْ تَابَ مِنْهُ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ وَلَيْسَ إِسْنَادُهُ بِمُتَّصِلٍ وَخَالِدُ بْنُ مَعْدَانَ لَمْ يُدْرِكْ مُعَاذَ بْنَ جَبَلٍ وَرُوِيَ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ أَنَّهُ أَدْرَكَ سَبْعِينَ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَمَاتَ مُعَاذُ بْنُ جَبَلٍ فِي خِلَافَةِ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ وَخَالِدُ بْنُ مَعْدَانَ رَوَى عَنْ غَيْرِ وَاحِدٍ مِنْ أَصْحَابِ مُعَاذٍ عَنْ مُعَاذٍ غَيْرَ حَدِيثٍ

हमसे कहिन है [अहमद बिन मणि'] हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल हसन बिन अबू यजीद अल हमदानी] से [तसौर बिन यजीद] से [खालिद बिन म'दान] से [मुआज़ बिन जबल] कहिन: रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जो भी अपने भाई के पाप के कारण - प्रतिबद्ध-, तब तक उ तब तक नाहीं मरिहैं जब तक कि उ ई नाहीं करि -उ कृत्य जेकरे कुरूपता का प्रकट कीन जात है-'। अहमद कहिन: एक पापपूर्ण काम जेकरे लिए उ पश्चाताप किहिन हैं। अबू ईसा ने कहा: यह हदीस गरीब है, और सनाद निरंतर नहीं है, जैसा कि खालिद बिन मदन के लिए उ मुआज़ बिन जबल से नहीं मिले रहे, और खालिद बिन मदन से रिवायत है कि उ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के सत्तर दोस्तन से मिले रहे, और मुअज़ बिन जबल का खलीब बिनार बिनार के समय म कईयो मित्रन से कईयो हदीस सुनाइन हैं। मुआडज़ से मुआडज़।