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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Rasulullah shallallahu 'alaihi wasalam jika ingin mendoakan keselamatan kepada seseorang beliau selalu qunut setelah rukuk

Imam Bukhari : 4193

حَدَّثَنَا حِبَّانُ بْنُ مُوسَى أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ قَالَ حَدَّثَنِي سَالِمٌ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُسَمِعَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ مِنْ الرُّكُوعِ فِي الرَّكْعَةِ الْآخِرَةِ مِنْ الْفَجْرِ يَقُولُ اللَّهُمَّ الْعَنْ فُلَانًا وَفُلَانًا وَفُلَانًا بَعْدَ مَا يَقُولُ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ رَبَّنَا وَلَكَ الْحَمْدُ فَأَنْزَلَ اللَّهُ{ لَيْسَ لَكَ مِنْ الْأَمْرِ شَيْءٌ إِلَى قَوْلِهِ فَإِنَّهُمْ ظَالِمُونَ }رَوَاهُ إِسْحَاقُ بْنُ رَاشِدٍ عَنْ الزُّهْرِيِّ

हमसे कहिस है [हिब्बन बिन मूसा] हमसे कहिस है [अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [मामर] से [अज जुहरी] कहिन; [सलीम] से [उनके पिता] से ई बतावा गा रहा कि उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का सुनिन जब उ सुबह के नमाज के आखिरी रकात मा प्रणाम करै से आपन सिर उठाइन तौ उ प्रार्थना किहिन: 'हे अल्लाह, फलाना अऊर फलाना का शाप'। अर्थात् जब उ पढ़े; 'समीअल्लाह हु लिमन हमीदाह'। फिर अल्लाह ने आयत का प्रकट करा; 'उनके काम मा आपसे जरा भी हस्तक्षेप नाहीं है या अल्लाह ओनके पश्चाताप का स्वीकार करत है, या ओनका सजा देत है काहे से कि वास्तव मा उ लोग अन्यायी लोग हैं -अली इमरान: 128-'। [अज जुहरी] से [इशाक बिन रसीद] द्वारा सुनावा गा है।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 6962, 7153, 7345, 8785, 10336, 11621, 11707, 11709, 12194, 12384, 12445, 12646, 12778, 12788, 12803, 12950, 13112, 13494
Imam Bukhari : 762, 948, 2603, 2934, 3251, 3252, 3762, 3780, 3781, 3785, 3786, 4193
Imam Muslim : 1082, 1083, 1084, 1085, 1086, 1087, 1088, 1089, 1090, 1091, 1092, 1093, 1094, 1095, 1096, 4571, 4572, 4573, 4574, 4575, 4576
Imam Abu Dawud : 1229, 1230, 1231, 1232, 1233
Imam Tirmidzi : 3876, 3884
Imam Nasa'i : 1060, 1061, 1062, 1063, 1064, 1065, 1066, 1067, 1068, 1069
Imam Ibnu Majah : 1233
Imam Darimi : 1547, 1548, 2412, 2413