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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 2906

حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَوْهَبٍ قَالَ سَمِعْتُ تَمِيمًا الدَّارِيَّ يَقُولُ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ مَا السُّنَّةُ فِي الرَّجُلِ مِنْ أَهْلِ الْكُفْرِ يُسْلِمُ عَلَى يَدَيْ رَجُلٍ مِنْ الْمُسْلِمِينَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ أَوْلَى النَّاسِ بِمَحْيَاهُ وَمَمَاتِهِ

हमसे कहिन है [अबू नुआइम] हमसे [अब्दुल अजीज बिन उमर बिन अब्दुल अजीज] [अब्दुल्लाह बिन मौहब] से कहिन हैं; हम एक बार [तमीम अद दारी] का कहत सुने रहेन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछेन; हे अल्लाह के रसूल मुसलमान के सामने इस्लाम अपनाने वाले काफिर के साथ सुन्नत क्या है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जवाब दिया: 'उ व्यक्ति - एक काफिर जे इस्लाम धर्म अपनावत है - जीवन अऊर मृत्यु पर अधिक अधिकार रखत है'।