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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Darimi (الامام الدارمي) - 3469 Hadith

Hadith

Imam Darimi : 1

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُؤَاخَذُ الرَّجُلُ بِمَا عَمِلَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ قَالَ مَنْ أَحْسَنَ فِي الْإِسْلَامِ لَمْ يُؤَاخَذْ بِمَا كَانَ عَمِلَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ وَمَنْ أَسَاءَ فِي الْإِسْلَامِ أُخِذَ بِالْأَوَّلِ وَالْآخِرِ

हमका [मुहम्मद बिन यूसुफ] से [सुफयान] से [अल अमासी] से [अबू वैल] से [अब्दुल्ला] से बताय के, उ कहिन; एक आदमी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आया और बोला: हे रसूलुल्लाह, का अज्ञानता के काल मा किहे गए बुरे कामन के लिए केहू का सजा मिली? प्रेरित ने जवाब दिया: जे अपने इस्लामी काल मा अच्छा व्यवहार किहिस, ओका अज्ञानता के काल मा ओकरे बुरे कामन के लिए दंडित नाहीं कीन गा रहा, लेकिन जे भी अपने इस्लामी काल मा बुरा - बुराई से - व्यवहार किहिस, ओका दंडित कीन गा - ओकरे पापन के लिए - चाहे उ अतीत होय या भविष्य।

Hadith

Imam Darimi : 2

أَخْبَرَنَا الْوَلِيدُ بْنُ النَّضْرِ الرَّمْلِيُّ عَنْ مَسَرَّةَ بْنِ مَعْبَدٍ مِنْ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ أَبِي الْحَرَامِ مِنْ لَخْمٍ عَنْ الْوَضِينِ أَنَّ رَجُلًا أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا كُنَّا أَهْلَ جَاهِلِيَّةٍ وَعِبَادَةِ أَوْثَانٍ فَكُنَّا نَقْتُلُ الْأَوْلَادَ وَكَانَتْ عِنْدِي ابْنَةٌ لِي فَلَمَّا أَجَابَتْ وَكَانَتْ مَسْرُورَةً بِدُعَائِي إِذَا دَعَوْتُهَا فَدَعَوْتُهَا يَوْمًا فَاتَّبَعَتْنِي فَمَرَرْتُ حَتَّى أَتَيْتُ بِئْرًا مِنْ أَهْلِي غَيْرَ بَعِيدٍ فَأَخَذْتُ بِيَدِهَا فَرَدَّيْتُ بِهَا فِي الْبِئْرِ وَكَانَ آخِرَ عَهْدِي بِهَا أَنْ تَقُولَ يَا أَبَتَاهُ يَا أَبَتَاهُ فَبَكَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى وَكَفَ دَمْعُ عَيْنَيْهِ فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ مِنْ جُلَسَاءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحْزَنْتَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَهُ كُفَّ فَإِنَّهُ يَسْأَلُ عَمَّا أَهَمَّهُ ثُمَّ قَالَ لَهُ أَعِدْ عَلَيَّ حَدِيثَكَ فَأَعَادَهُ فَبَكَى حَتَّى وَكَفَ الدَّمْعُ مِنْ عَيْنَيْهِ عَلَى لِحْيَتِهِ ثُمَّ قَالَ لَهُ إِنَّ اللَّهَ قَدْ وَضَعَ عَنْ الْجَاهِلِيَّةِ مَا عَمِلُوا فَاسْتَأْنِفْ عَمَلَكَ

हमका [अल वालिद बिन अन नदलर अर रामली] से [मसर्राह बिन म'बद] से - लखमिन से बनी अल हरिथ बिन अबू अल हराम से - [अल वदलीन] से बतावा गा है कि एक आदमी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आवा अऊर कहिस: हे रसूलुल्लाह, हम एक अज्ञानी लोग रहेन जे मूर्ति पूजा करत रहेन अऊर हम अपने बच्चन का मार डारे रहेन, बच्चा जे खुश रहे जब हम ओका फोन किहेन। एक दिन हम ओका फोन करेन तौ उ तुरतै जवाब दिहिस अऊर मोर पीछे-पीछे चला गा। जब हम एक पारिवारिक कुँआ के पास पहुँचेन, तौ हम तुरंत उनकर हाथ पकड़ के कुँआ मा फेंक दिहेन, वहिके साथे हमार समय खतम होइगा। ऊ पुकारिस 'हे पिता, हे पिता।' ' अल्लाह के रसूल तब तक रोए जब तक कि उनके आंसू न बह गए। तब कोई जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथ बैठा था उस आदमी से बोला: तुमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम को दुखी किया है। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उस आदमी से कहा: वह हो जाय काहे से कि वह कुछ महत्वपूर्ण बात के बारे में पूछ रहा था कि वह सामना कर रहा था, फिर रसूल ने उस आदमी से कहा: अपनी कहानी को फिर से दोहराओ, फिर उसने कहानी दोहराई और रसूल फिर से तब तक रोया जब तक कि उसके आंसू न बह गए, अपनी दाढ़ी को गीला कर दिया, फिर उसने कहा: अल्लाह सुभनाहु वताला ने अवधि के दौरान अज्ञानता के पापों को खत्म कर दिया है, यहिसे, आपन कामन का एक साफ नये स्लेट से शुरू करा।

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Imam Darimi : 3

أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ مُعَاوِيَةَ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سُلَيْمَانَ الْمُؤَدِّبِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ مُجَاهِدٍ قَالَ حَدَّثَنِي مَوْلَايَ أَنَّ أَهْلَهُ بَعَثُوا مَعَهُ بِقَدَحٍ فِيهِ زُبْدٌ وَلَبَنٌ إِلَى آلِهَتِهِمْ قَالَ فَمَنَعَنِي أَنْ آكُلَ الزُّبْدَ لِمَخَافَتِهَا قَالَ فَجَاءَ كَلْبٌ فَأَكَلَ الزُّبْدَ وَشَرِبَ اللَّبَنَ ثُمَّ بَالَ عَلَى الصَّنَمِ وَهُوَ إِسَافٌ وَنَائِلَةُ قَالَ هَارُونُ كَانَ الرَّجُلُ فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا سَافَرَ حَمَلَ مَعَهُ أَرْبَعَةَ أَحْجَارٍ ثَلَاثَةً لِقِدْرِهِ وَالرَّابِعَ يَعْبُدُهُ وَيُرَبِّي كَلْبَهُ وَيَقْتُلُ وَلَدَهُ

हमसे [हारून बिन मुअविया] से [इब्राहिम बिन सुलेमान अल मुअद्दीब] से [अल अमासी] से [मुजाहिद] से कहिन है, [मेरे पूर्व दास] ने मुझसे कहा है; कि उनकर परिवार अपने देवतन का चढ़ावै के लिए पनीर अऊर दूध वाला एक बर्तन छोड़ दिहिस, उ कहिन; इन देवताओं के डर से मोर परिवार मोका पनीर खाए से मना कइ दिहिस; तब एक कुत्ता आवा, पनीर खाइस अऊर दूध पीइस अऊर मूर्तियन पर पेशाब किहिस, अर्थात् इकाफ अऊर नैलाह के मूर्तियन पर। हारून ने कहा: अज्ञानता के पुराने दिनन मा, जब एक मनई यात्रा करै चाहत रहा तौ ऊ अपने साथ चार पत्थर ले जात रहा, जेहिमा से तीन पत्थर बर्तन का सहारा/काम रखै के लिए रहा - एक कड़ाही/पात्र - अऊर चौथा ओकरे लिए पूजा करै, अपने कुत्ते का प्रशिक्षित करै अऊर अपने बच्चा का मारय के लिए रहा।

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Imam Darimi : 4

حَدَّثَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا رَيْحَانُ هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ السَّامِيُّ حَدَّثَنَا عَبَّادٌ هُوَ ابْنُ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِي رَجَاءٍ قَالَ كُنَّا فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا أَصَبْنَا حَجَرًا حَسَنًا عَبَدْنَاهُ وَإِنْ لَمْ نُصِبْ حَجَرًا جَمَعْنَا كُثْبَةً مِنْ رَمْلٍ ثُمَّ جِئْنَا بِالنَّاقَةِ الصَّفِيِّ فَتَفَاجُّ عَلَيْهَا فَنَحْلُبُهَا عَلَى الْكُثْبَةِ حَتَّى نَرْوِيَهَا ثُمَّ نَعْبُدُ تِلْكَ الْكُثْبَةَ مَا أَقَمْنَا بِذَلِكَ الْمَكَانِ قَالَ أَبُو مُحَمَّد الصَّفِيُّ الْكَثِيرَةُ الْأَلْبَانِ

हमसे कहिन है [मुजाहिद बिन मूसा] हमसे कहिन है [रैहान इब्नू सैद अस सामी] हमसे ['अब्बाद इब्नू मंसूर] [अबू राजा'] से कहिन हैं, उ कहिन: अज्ञानता के दिनन मा, जब हमका एक अच्छा पत्थर मिला, तौ हम ओकर पूजा करत रहेन अऊर अगर हमका अच्छा पत्थर नाहीं मिला, तौ हम बालू इकट्ठा करत रहेन। फिर हम एक शफी ऊँट लइ आये रहेन, जब ऊँट ओका टेढ़ा करत रहा, हम ओकर दूध निचोड़ के बालू के ढेर का पानी देत ​​रहेन, जेका हम इकट्ठा किहे रहेन, फिर हम बालू के ढेर का पूजा करत रहेन जब तक हम उ जगह मा रहत रहेन। अबू मुहम्मद ने कहा: शफी ऊँट ऊँट हैं जिनके पास बहुत दूध होत है।

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Imam Darimi : 5

أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ قَالَ قَالَ كَعْبٌ نَجِدُهُ مَكْتُوبًا مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا فَظٌّ وَلَا غَلِيظٌ وَلَا صَخَّابٌ بِالْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ وَأُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يُكَبِّرُونَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ عَلَى كُلِّ نَجْدٍ وَيَحْمَدُونَهُ فِي كُلِّ مَنْزِلَةٍ وَيَتَأَزَّرُونَ عَلَى أَنْصَافِهِمْ وَيَتَوَضَّئُونَ عَلَى أَطْرَافِهِمْ مُنَادِيهِمْ يُنَادِي فِي جَوِّ السَّمَاءِ صَفُّهُمْ فِي الْقِتَالِ وَصَفُّهُمْ فِي الصَّلَاةِ سَوَاءٌ لَهُمْ بِاللَّيْلِ دَوِيٌّ كَدَوِيِّ النَّحْلِ وَمَوْلِدُهُ بِمَكَّةَ وَمُهَاجِرُهُ بِطَابَةَ وَمُلْكُهُ بِالشَّامِ

हमसे [अल हसन बिन अर रबी'] हमसे [अबुल अहवाह] से [अल अमासी] से [अबू सलीह] से कहिन है, उ कहिन; [काअब] कहिन; हमका ई लिखा मिला: मुहम्मद रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, उ आपन भाषण मा कठोर नाहीं रहे, चरित्र मा कठोर नाहीं रहे, बाजार मा जब जोर से नाहीं बोलत रहे, बुराई के साथ बुराई का बदला नाहीं देत रहे, बल्कि माफ अऊर माफ कइके जवाब देत रहे, उनके लोग अइसन लोग रहे जे हमेशा तहमीद करत रहे -अल्लाह के स्तुति करत रहे- अल्लाह का हर युद्ध या ऊँच स्थान पर चढ़त रहे, हर घर मा अल्लाह सुभानहु वा तआला के तारीफ किहिन, अपने बीच के हिस्सा मा सरोंग पहिरिन, अपने वजू के हर सदस्य पर वजू करिन, उनकर अज़ान आकाश मा सुनाई देत है, युद्ध के समय उनकर शाफ नमाज के दौरान उनकर शफ के तरह होत है, उनकर आवाज - जब कुरान पढ़त हैं अऊर ज़िकर करत हैं - मधुमक्खियन के दहाड़ के तरह होत हैं, उनकर जन्म स्थान मक्का मा है अऊर उनकर प्रवास स्थान मदीना मा है - - अऊर ओकर राज्य शाम मा अहै।

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Imam Darimi : 6

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي خَالِدٌ هُوَ ابْنُ يَزِيدَ عَنْ سَعِيدٍ هُوَ ابْنُ أَبِي هِلَالٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ أُسَامَةَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ سَلَامٍ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ إِنَّا لَنَجِدُ صِفَةَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ شَاهِدًا وَمُبَشِّرًا وَنَذِيرًا وَحِرْزًا لِلْأُمِّيِّينَ أَنْتَ عَبْدِي وَرَسُولِي سَمَّيْتُهُ الْمُتَوَكِّلَ لَيْسَ بِفَظٍّ وَلَا غَلِيظٍ وَلَا صَخَّابٍ بِالْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ مِثْلَهَا وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَتَجَاوَزُ وَلَنْ أَقْبِضَهُ حَتَّى نُقِيمَ الْمِلَّةَ الْمُتَعَوِّجَةَ بِأَنْ تَشْهَدَ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ يَفْتَحُ بِهِ أَعْيُنًا عُمْيًا وَآذَانًا صُمًّا وَقُلُوبًا غُلْفًا قَالَ عَطَاءُ بْنُ يَسَارٍ وَأَخْبَرَنِي أَبُو وَاقِدٍ اللَّيْثِيُّ أَنَّهُ سَمِعَ كَعْبًا يَقُولُ مِثْلَ مَا قَالَ ابْنُ سَلَامٍ

हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन सालिह] ने हमसे कहा है [अल लैट्स] ने हमसे [खालिद इब्नू यजीद] से [सैद इब्न अबू हिलाल] से [हिलाल बिन उसामा] से ['अथा' बिन यासर] से [इब्न सलाम] से कहा है, कि उ कहिन; हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के चरित्र का पता लगावा 'वास्तव मा, हम तोहका गवाह, खुशखबरी देवे वाला अऊर चेतावनी देय वाला के रूप मा भेजे हई', जे उम्मी के मदद करत है, तुम मोर सेवक हौ, मोर रसूल हौ, हम ओकरे नाम अल मुतवक्किल रखेन, ओकर भाषण कठोर नाहीं रहा अऊर ओकर स्वभाव कठोर नाहीं रहा, उ बाजार मा चिल्लात नाहीं रहा अऊर बुराई के लिए नाहीं चिल्लात रहा, लेकिन बुराई के लिए नाहीं चिल्लात रहा, लेकिन ओका माफ कइके हम एक धर्म का सीधा किहेन जवन ई गवाही से भटक गवा रहा कि कौनो भगवान नाहीं है। अल्लाह सुभानाहु व तआला के अलावा पूजा करै का अधिकार है, यहि गवाही से हम अंधी आँखिन, बहरा कान अऊर बंद दिल खोल सकत हैं। [अथा बिन यासर] कहिन; [अबू वाकिद अल लैत्सी] ने मुझसे कहा कि उ [काअब] का भी इब्न सलाम के कहे का कहत सुने रहे।

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Imam Darimi : 7

أَخْبَرَنَا زَيْدُ بْنُ عَوْفٍ قَالَ وَحَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ ذَكْوَانَ أَبِي صَالِحٍ عَنْ كَعْبٍ فِي السَّطْرِ الْأَوَّلِ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ عَبْدِي الْمُخْتَارُ لَا فَظٌّ وَلَا غَلِيظٌ وَلَا صَخَّابٌ فِي الْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ مَوْلِدُهُ بِمَكَّةَ وَهِجْرَتُهُ بِطَيْبَةَ وَمُلْكُهُ بِالشَّامِ وَفِي السَّطْرِ الثَّانِي مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ أُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي السَّرَّاءِ وَالضَّرَّاءِ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي كُلِّ مَنْزِلَةٍ وَيُكَبِّرُونَ عَلَى كُلِّ شَرَفٍ رُعَاةُ الشَّمْسِ يُصَلُّونَ الصَّلَاةَ إِذَا جَاءَ وَقْتُهَا وَلَوْ كَانُوا عَلَى رَأْسِ كُنَاسَةٍ وَيَأْتَزِرُونَ عَلَى أَوْسَاطِهِمْ وَيُوَضِّئُونَ أَطْرَافَهُمْ وَأَصْوَاتُهُمْ بِاللَّيْلِ فِي جَوِّ السَّمَاءِ كَأَصْوَاتِ النَّحْلِ

हमसे कहिन है [जैद बिन यूसुफ] हमसे [अबू 'अवाना] से [अब्दुल मलिक बिन उमैर] से [दजाकवान अबू सलीह] से [काअब] से कहिन है कि पहिला पैराग्राफ मा लिखा है; मुहम्मद अल्लाह सुभानाहु वा तआला के दूत हैं, अऊर मोर चुने हुए सेवक हैं, उनकर बात कठोर नाहीं है, उनकर स्वभाव जोर से नाहीं है, उ बाजार मा जोर से नाहीं बोलत हैं, उ बुराई का बुराई से बदला नाहीं देत हैं बल्कि माफी अऊर क्षमा के साथ जवाब देत हैं, उनकर जन्मस्थान मक्का मा है अऊर उनकर प्रवास स्थान थाईबाह मा है अऊर उनकर राज्य शाबाम है। और दूसरे पैराग्राफ में लिखा है, मुहम्मद, अल्लाह के दूत सुभानाहु व तआला, उनके लोग ऐसे लोग हैं जो हमेशा सब महिमा के लिए अल्लाह का स्तुति करत हैं, जो लोग सूरज के निगरानी करत हैं - नमाज के समय जाने के लिए - जब समय आता है तो नमाज करत हैं, भले ही वे एक गंदी जगह पर हों, बीच में एक गंदी जगह पर हों, सरोंग के सभी सदस्यों के जलादो धोएं, और अपनी आवाज में उ रात में हो सकत हैं मधुमक्खियन के दहाड़ के तरह हवा - उनके लगातार पूजा अऊर रोवै के कारण -।

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Imam Darimi : 8

أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ أَبِي فَرْوَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّهُ سَأَلَ كَعْبَ الْأَحْبَارِ كَيْفَ تَجِدُ نَعْتَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي التَّوْرَاةِ فَقَالَ كَعْبٌ نَجِدُهُ مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ يُولَدُ بِمَكَّةَ وَيُهَاجِرُ إِلَى طَابَةَ وَيَكُونُ مُلْكُهُ بِالشَّامِ وَلَيْسَ بِفَحَّاشٍ وَلَا صَخَّابٍ فِي الْأَسْوَاقِ وَلَا يُكَافِئُ بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ أُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي كُلِّ سَرَّاءَ وَضَرَّاءَ وَيُكَبِّرُونَ اللَّهَ عَلَى كُلِّ نَجْدٍ يُوَضِّئُونَ أَطْرَافَهُمْ وَيَأْتَزِرُونَ فِي أَوْسَاطِهِمْ يُصَفُّونَ فِي صَلَوَاتِهِمْ كَمَا يُصَفُّونَ فِي قِتَالِهِمْ دَوِيُّهُمْ فِي مَسَاجِدِهِمْ كَدَوِيِّ النَّحْلِ يُسْمَعُ مُنَادِيهِمْ فِي جَوِّ السَّمَاءِ

हमसे कहिन है [मुजाहिद बिउन मूसा] हमसे कहिन है [मा'न इब्न ईसा] हमसे [मुआविया बिन सालिह] [अबू फरवाह] से [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु से कहिन हैं, कि उ काब अल अहबर से पूछिन; आप तोराह मा रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चरित्र का कैसे पावा?, [काअब] जवाब दिहिस; हमने पावा कि मुहम्मद बिन अब्दुल्ला मक्का मा पैदा भए रहे, थाबा या मदीना मा प्रवास किहिन, उनकर राज्य सीरिया मा होई, उ क्रूर मनई नाहीं हैं, उ बाजार मा जोर से शोर नाहीं करत हैं, उ बुराई के बदले बुराई नाहीं देत हैं बल्कि माफ करत हैं अऊर माफ करत हैं, उनकर लोग हमेशा उनकर तारीफ करत हैं। उइ अल्लाह सुभानाहु व तआला के स्तुति करत हैं चाहे अच्छा या बुरा समय मा, उइ हर जीत मा हमेशा अल्लाह सुभानाहू व तआला के महिमा करत हैं, उइ अपने वजू सदस्यन का धोवत हैं, अपने बीच के हिस्सा मा सारोंग पहिरत हैं, उइ नमाज मा लाइन लगावत हैं जइसे उइ युद्ध मा मार्च करत हैं, ओनके मस्जिदन मा ओनके आवाज मधुमक्खियन के दहाड़ के तरह है, ओनके कीचड़ के आवाज आसमान मा सुनाई देत है।

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Imam Darimi : 9

أَخْبَرَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ الْمِيثَمِيُّ حَدَّثَنَا بَحِيرُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ الْحَضْرَمِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَقَدْ جَاءَكُمْ رَسُولٌ إِلَيْكُمْ لَيْسَ بِوَهِنٍ وَلَا كَسِلٍ لِيَخْتِنَ قُلُوبًا غُلْفًا وَيَفْتَحَ أَعْيُنًا عُمْيًا وَيُسْمِعَ آذَانًا صُمًّا وَيُقِيمَ أَلْسِنَةً عُوجًا حَتَّى يُقَالَ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ

हमसे कहिन है [हैवाह बिन सुरैह] हमसे कहिन हैं [बकिया बिन अल वालिद अल मैतामी] हमसे [बुहैर बिन साद] [खालिद बिन मदन] से [जुबैर बिन नुफैर ​​अल हदलरमी] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'तुम्हारे पास एक दूत आवा है, जे न त कमजोर है अऊर न ही आलसी, - भेजा गा है- लापरवाह दिलन का जगावै, बंद आँखिन का खोलै, अऊर बहरे कानन का सुनावै, टेढ़ी जीभन का सीधा करै, ताकि ई कहा जाय; अकेले अल्लाह सुभानाहु व तआला के अलावा कोई भी भगवान नहीं है जिसकी पूजा का अधिकार है।

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Imam Darimi : 10

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الْحِزَامِيُّ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي قَيْسٍ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ كَانَ رَجُلٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهُ إِلَيْهِ حَاجَةٌ فَمَشَى مَعَهُ حَتَّى دَخَلَ قَالَ فَإِحْدَى رِجْلَيْهِ فِي الْبَيْتِ وَالْأُخْرَى خَارِجَهُ كَأَنَّهُ يُنَاجِي فَالْتَفَتَ فَقَالَ أَتَدْرِي مَنْ كُنْتُ أُكَلِّمُ إِنَّ هَذَا مَلَكٌ لَمْ أَرَهُ قَطُّ قَبْلَ يَوْمِي هَذَا اسْتَأْذَنَ رَبَّهُ أَنْ يُسَلِّمَ عَلَيَّ قَالَ إِنَّا آتَيْنَاكَ أَوْ أَنْزَلْنَا الْقُرْآنَ فَصْلًا وَالسَّكِينَةَ صَبْرًا وَالْفُرْقَانَ وَصْلًا

हमसे [मुहम्मद बिन यजीद अल हिजामी] हमसे [इशाक बिन सुलेमान] से ['अमर बिन अबू कैस] से [अथा] से कहिन है, उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एक साथी का उनकर जरूरत रही। ऊ उनके साथ चलत रहा, जब तक कि जब ऊ घर मा घुस गवा रहा अऊर ओकर एक गोड़ भीतर रहा अऊर दूसर घर के बाहर रहा, तौ अइसन लागत रहा कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक आदमी से बातचीत करत रहा, ओकरे बाद ऊ मुड़ के दोस्त से बात करत रहा: का तुम जानत हौ कि हम केसे बात करत रहेन? उ एक दूत रहा जेका हम पहिले कबो नाहीं देखे रहेन, दूत ने अपने प्रभु से मुझसे नमस्कार करै के अनुमति माँगी। अल्लाह कहत हैं: 'वास्तव मा, हम आपके पास आए हैं या कुरान का मामलन के निर्णय लेवे वाले के रूप मा अऊर अस सकिना का धैर्य के रूप मा अऊर अल फुरकोन का मार्गदर्शक के रूप मा भेजे हैं।

Hadith

Imam Darimi : 11

أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا رَيْحَانُ هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَبَّادٌ هُوَ ابْنُ مَنْصُورٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ عَطِيَّةَ أَنَّهُ سَمِعَ رَبِيعَةَ الْجُرَشِيَّ يَقُولُ أُتِيَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقِيلَ لَهُ لِتَنَمْ عَيْنُكَ وَلْتَسْمَعْ أُذُنُكَ وَلْيَعْقِلْ قَلْبُكَ قَالَ فَنَامَتْ عَيْنَايَ وَسَمِعَتْ أُذُنَايَ وَعَقَلَ قَلْبِي قَالَ فَقِيلَ لِي سَيِّدٌ بَنَى دَارًا فَصَنَعَ مَأْدُبَةً وَأَرْسَلَ دَاعِيًا فَمَنْ أَجَابَ الدَّاعِيَ دَخَلَ الدَّارَ وَأَكَلَ مِنْ الْمَأْدُبَةِ وَرَضِيَ عَنْهُ السَّيِّدُ وَمَنْ لَمْ يُجِبْ الدَّاعِيَ لَمْ يَدْخُلْ الدَّارَ وَلَمْ يَطْعَمْ مِنْ الْمَأْدُبَةِ وَسَخِطَ عَلَيْهِ السَّيِّدُ قَالَ فَاللَّهُ السَّيِّدُ وَمُحَمَّدٌ الدَّاعِي وَالدَّارُ الْإِسْلَامُ وَالْمَأْدُبَةُ الْجَنَّةُ

हमसे कहिस है [मुजाहिद बिन मूसा] हमसे कहिस है [रैहान इब्नू सईद] हमसे [अब्बाद इब्नू मंसूर] से [अय्यूब] से [अबू किलाबाह] से ['अथिया] से कहिस है कि उ [रबीअह अल जुरासी] का कहत सुने रहा; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का लावा गा अऊर ओनसे कहिन, कृपया आपन आँखिन का सोवै, आपन कान सुनै अऊर आपन दिल सोचै। उ कहिन: तब मोर आँखी देखत हैं, मोर कान सुनत हैं, अऊर मोर मन सोचत है। उ कहिन; मोहि सूचना मिली 'एक स्वामी है जो घर बनवावत है, फिर भोज का इंतजाम करत है, फिर भोज मा बुलावा खातिर केहू का भेजत है, जे बुलावै वाले के पुकार पै जवाब देई अउर घर मा घुसि के भोज खाई तौ स्वामी वहिसे प्रसन्न होइहैं। दुसरी तरफ जे पुकारै वाले के पुकार पर जवाब न देई औ घर मा घुस न खाना खाई तौ मास्टर जी ओसे क्रोध करिहैं। फिर बोले: मालिक अल्लाह सुभानाहु वा तआला हैं, पुकारने वाला है मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, घर इस्लाम है, और खाना स्वर्ग है।

Hadith

Imam Darimi : 12

أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مَيْمُونٍ التَّمِيمِيِّ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ إِلَى الْبَطْحَاءِ وَمَعَهُ ابْنُ مَسْعُودٍ فَأَقْعَدَهُ وَخَطَّ عَلَيْهِ خَطًّا ثُمَّ قَالَ لَا تَبْرَحَنَّ فَإِنَّهُ سَيَنْتَهِي إِلَيْكَ رِجَالٌ فَلَا تُكَلِّمْهُمْ فَإِنَّهُمْ لَنْ يُكَلِّمُوكَ فَمَضَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَيْثُ أَرَادَ ثُمَّ جَعَلُوا يَنْتَهُونَ إِلَى الْخَطِّ لَا يُجَاوِزُونَهُ ثُمَّ يَصْدُرُونَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى إِذَا كَانَ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ جَاءَ إِلَيَّ فَتَوَسَّدَ فَخِذِي وَكَانَ إِذَا نَامَ نَفَخَ فِي النَّوْمِ نَفْخًا فَبَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُتَوَسِّدٌ فَخِذِي رَاقِدٌ إِذْ أَتَانِي رِجَالٌ كَأَنَّهُمْ الْجِمَالُ عَلَيْهِمْ ثِيَابٌ بِيضٌ اللَّهُ أَعْلَمُ مَا بِهِمْ مِنْ الْجَمَالِ حَتَّى قَعَدَ طَائِفَةٌ مِنْهُمْ عِنْدَ رَأْسِهِ وَطَائِفَةٌ مِنْهُمْ عِنْدَ رِجْلَيْهِ فَقَالُوا بَيْنَهُمْ مَا رَأَيْنَا عَبْدًا أُوتِيَ مِثْلَ مَا أُوتِيَ هَذَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ عَيْنَيْهِ لَتَنَامَانِ وَإِنَّ قَلْبَهُ لَيَقْظَانُ اضْرِبُوا لَهُ مَثَلًا سَيِّدٌ بَنَى قَصْرًا ثُمَّ جَعَلَ مَأْدُبَةً فَدَعَا النَّاسَ إِلَى طَعَامِهِ وَشَرَابِهِ ثُمَّ ارْتَفَعُوا وَاسْتَيْقَظَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عِنْدَ ذَلِكَ فَقَالَ لِي أَتَدْرِي مَنْ هَؤُلَاءِ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ هُمْ الْمَلَائِكَةُ قَالَ وَهَلْ تَدْرِي مَا الْمَثَلُ الَّذِي ضَرَبُوهُ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ الرَّحْمَنُ بَنَى الْجَنَّةَ فَدَعَا إِلَيْهَا عِبَادَهُ فَمَنْ أَجَابَهُ دَخَلَ جَنَّتَهُ وَمَنْ لَمْ يُجِبْهُ عَاقَبَهُ وَعَذَّبَهُ

हमका [अल हसन बिन अली] हमका [अबू उसामा] [जाफर बिन मैमून अतमीमी] से [अबू उस्मान अन नहदी] से बतावा गा है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम बाथा गें अऊर उनके साथ इब्न मसूद रदलियाहुअनहु, फिर रसूलुल्लाह अलैह बल्लाह वल्लम के साथ इब्न मसूद, फिर उ इब्न मसूद का बैठावै का कहिन अऊर उनके लिए एक विभाजन रेखा बनाइन। फिर कहिन: ई जगह से कबहूँ न जा, काहे से कि कुछ मनई तोहसे मिलिहैं अऊर तू ओनसे बात नाहीं करब, अऊर उ लोग तोहसे बात नाहीं करिहैं। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आपन यात्रा जहाँ चाहिन जारी रखिन। फिर लोग विभाजन रेखा पर पहुँचे अऊर उइ ओका पार नाहीं किहिन, फिर उइ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ओर चले गें। जब तक कि रात के अंत मा ऊ मोर पास आवा अऊर मोर जांघ का तकिया के रूप मा उपयोग कइके सो गवा, अऊर जब ऊ सोवा तौ ऊ आपन सांस सुन सकत रहा। जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मोर जांघ पर सोवत रहें, तौ आदमी सब सफेद कपड़ा पहिन के सुन्दर चेहरा लइके आवत रहें। आह, उई केतना सुंदर हैं! ताकि ओनमा से एक समूह रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के सिर पर अऊर दूसर समूह हमरे बगल मा बैठा अऊर उ एक दूसरे से कहिन: हमरे पास कभी अइसन नौकर नाहीं रहा जेका पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के जइसन वरदान दीन गा रहा। ई व्यक्ति के आँखी सोई है लेकिन मन जाग रहा है, ओकरे लिए एक दृष्टान्त बनावा। खैर ऊ साहब के तरह है जो महल बनावे, फिर पकवान बनावे फिर लोगन का खाना पीने का न्यौता दे, फिर लोग आसमान में चढ़ जात हैं। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उ समय जाग गए अऊर उ मोसे कहिन: का तुम जानत हौ कि उ कौन हैं? फिर हम जवाब दिहेन: अल्लाह सुभानाहु वा तआला अऊर उनके रसूल बेहतर जानत हैं। फिर उ कहिन: उ स्वर्गदूत हैं। फिर उ फिर कहिन: का तुम जानत हौ कि उपमा का है? हम कहेन अल्लाह सुभानहु व तआला अऊर उनके रसूल जे बेहतर जानत रहें, जवाब दिहिन: अर रहमान ने स्वर्ग बनाइन, फिर बुलावा -न्यौता- अपने सेवकन का उनके पास, जे स्वीकार करिहैं स्वर्ग मा प्रवेश करिहैं अऊर जे मना करिहैं तब उ ओका दंडित अऊर यातना देइहैं।

Hadith

Imam Darimi : 13

أَخْبَرَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ عَنْ بَحِيرٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَمْرٍو السُّلَمِيُّ عَنْ عُتْبَةَ بْنِ عَبْدٍ السُّلَمِيِّ أَنَّهُ حَدَّثَهُمْ وَكَانَ مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَهُ رَجُلٌ كَيْفَ كَانَ أَوَّلُ شَأْنِكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ كَانَتْ حَاضِنَتِي مِنْ بَنِي سَعْدِ بْنِ بَكْرٍ فَانْطَلَقْتُ أَنَا وَابْنٌ لَهَا فِي بَهْمٍ لَنَا وَلَمْ نَأْخُذْ مَعَنَا زَادًا فَقُلْتُ يَا أَخِي اذْهَبْ فَأْتِنَا بِزَادٍ مِنْ عِنْدِ أُمِّنَا فَانْطَلَقَ أَخِي وَمَكَثْتُ عِنْدَ الْبَهْمِ فَأَقْبَلَ طَائِرَانِ أَبْيَضَانِ كَأَنَّهُمَا نَسْرَانِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ أَهُوَ هُوَ قَالَ الْآخَرُ نَعَمْ فَأَقْبَلَا يَبْتَدِرَانِي فَأَخَذَانِي فَبَطَحَانِي لِلْقَفَا فَشَقَّا بَطْنِي ثُمَّ اسْتَخْرَجَا قَلْبِي فَشَقَّاهُ فَأَخْرَجَا مِنْهُ عَلَقَتَيْنِ سَوْدَاوَيْنِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ ائْتِنِي بِمَاءِ ثَلْجٍ فَغَسَلَ بِهِ جَوْفِي ثُمَّ قَالَ ائْتِنِي بِمَاءِ بَرَدٍ فَغَسَلَ بِهِ قَلْبِي ثُمَّ قَالَ ائْتِنِي بِالسَّكِينَةِ فَذَرَّهُ فِي قَلْبِي ثُمَّ قَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ حُصْهُ فَحَاصَهُ وَخَتَمَ عَلَيْهِ بِخَاتَمِ النُّبُوَّةِ ثُمَّ قَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ اجْعَلْهُ فِي كِفَّةٍ وَاجْعَلْ أَلْفًا مِنْ أُمَّتِهِ فِي كِفَّةٍ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِذَا أَنَا أَنْظُرُ إِلَى الْأَلْفِ فَوْقِي أُشْفِقُ أَنْ يَخِرَّ عَلَيَّ بَعْضُهُمْ فَقَالَ لَوْ أَنَّ أُمَّتَهُ وُزِنَتْ بِهِ لَمَالَ بِهِمْ ثُمَّ انْطَلَقَا وَتَرَكَانِي قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَفَرِقْتُ فَرَقًا شَدِيدًا ثُمَّ انْطَلَقْتُ إِلَى أُمِّي فَأَخْبَرْتُهَا بِالَّذِي لَقِيتُ فَأَشْفَقَتْ أَنْ يَكُونَ قَدْ الْتَبَسَ بِي فَقَالَتْ أُعِيذُكَ بِاللَّهِ فَرَحَلَتْ بَعِيرًا لَهَا فَجَعَلَتْنِي عَلَى الرَّحْلِ وَرَكِبَتْ خَلْفِي حَتَّى بُلْغَتِنَا إِلَى أُمِّي فَقَالَتْ أَدَّيْتُ أَمَانَتِي وَذِمَّتِي وَحَدَّثَتْهَا بِالَّذِي لَقِيتُ فَلَمْ يَرُعْهَا ذَلِكَ وَقَالَتْ إِنِّي رَأَيْتُ حِينَ خَرَجَ مِنِّي يَعْنِي نُورًا أَضَاءَتْ مِنْهُ قُصُورُ الشَّامِ

हमसे कहिन है [नुआइम बिन हम्माद] हमसे [बकिया] से [बहिर] से [खालिद बिन मदन] हमसे [अब्दुर रहमान बिन अमर अस सुलामी] से [उतबाह बिन अब्द अस सुलामी] बताइन है कि उ ओनसे कहिन, अऊर उ रसूलुल्लाह वल्लाह वल्लाह के साथियन मा से एक रहे, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: हे रसूलुल्लाह, तोहार जीवन के शुरुआत का रही? उ जवाब दिहिन: उ समय मोर पालक महतारी बनी सद बिन बकर के एक औरत रहीं। वहि समय हम अऊर वहि जनजाति के एक अउर छोट बच्चा पशुधन चरावत रहेन। काहे से कि हम रसोईया नहीं लाए रहे तो मैने अपने दोस्त से पूछा: हे भैया घरे जाके हमरी माई से रसोईया माँग ले। तबै मोर भाई चला गा रहै तौ मैं अकेले रहि गयेंव पशुधन देखै खातिर। अचानक दुई सफेद चिरई गरुड़ के तरह आइन, ओनमा से एक दूसर से कहिस, का वाकई उहै है? दूसर जवाब दिहिस; हाँ! फिर दुइनौ जने मोका घेर लिहिन अऊर मोका खींच लिहिन अऊर मोका फैला दिहिन, फिर उइ मोर पेट का काटिन फिर मोर दिल का निकारिन, ओका काटिन अऊर दुई काला गांठ निकारिन। तब दुइनौ मा से एक अपने दोस्त से कहिस: बर्फ का पानी दइ द्या तब ऊ हमार पेट धोवै मा इस्तेमाल करी। फिर कहिन: मोका ठंडा पानी दइ दे'। अऊर उ मोर दिल धोवत रहा। फिर उ कहिन: मोका अस सकिनाह -शांति- दे! फिर उ मोर दिल मा छिड़क दिहिस। तब ओनमा से एक अपने दोस्त से कहिस: ओका सिलाई करा! फिर ओका सिलवाइस अऊर उ खतम नुबुवाह -नबियन के आवरण- से चिन्हित किहिन। तब ओनमें से एक ने अपने मित्र से कहा: एक तराजू पर एक तराजू पर रखो और एक तराजू पर एक हजार अपने लोगन को रखो। फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: उ समय हम अपने ऊपर एक हजार लोगन का देखेन तौ हमका डर लाग कि ओनमा से कुछ हमरे ऊपर गिर जइहैं, तब ऊ आदमी फिर से कहिस: अगर ओकरे लोगन का ओकरे साथ तौला जात है, तौ उ निश्चित रूप से अपने लोगन से भारी होइहैं तब उ दुइनौ हमका छोड़ दिहिन। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: मैं बहुत डर गय रहौं फिर मैं अपनी गीली नर्स के पास भाग गय अऊर मैं ओका बताय दिहिन कि मोर साथ का भवा रहा। उ चिंतित रहे कि मोर साथ कुछ न होइ अऊर फिर उ कहिन: मैं अल्लाह सुभानाहू व तआला से आपके लिए रक्षा माँगत हउँ। फिर उ आपन घुड़सवार तैयार किहिन अऊर मोहि ऊँट पर बइठाइन अऊर उ मोर पीछे-पीछे सवारी किहिन जब तक कि हम हमार महतारी के पास नाहीं पहुँचेन, फिर उ हमार महतारी से कहिन: हम जवन जनादेश अऊर बोझ हमरे ऊपर थोपा गा है, ओका हम पूरा किहेन, फिर उ हमका बताइन कि का भवा रहा। लेकिन ई बात ओका परेशान नाहीं किहिस, दरअसल मोर महतारी जवाब दिहिस: पहिले हम ओका तब भी देखे रहेन जब उ हमार गर्भ से बाहर आवा रहा, अर्थात् सीरिया के सिंहासन पर चमकत रोशनी।

Hadith

Imam Darimi : 14

أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عِمْرَانَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ عُثْمَانَ الْقُرَشِيُّ عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي ذَرٍّ الْغِفَارِيِّ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ عَلِمْتَ أَنَّكَ نَبِيٌّ حَتَّى اسْتَيْقَنْتَ فَقَالَ يَا أَبَا ذَرٍّ أَتَانِي مَلَكَانِ وَأَنَا بِبَعْضِ بَطْحَاءِ مَكَّةَ فَوَقَعَ أَحَدُهُمَا عَلَى الْأَرْضِ وَكَانَ الْآخَرُ بَيْنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ أَهُوَ هُوَ قَالَ نَعَمْ قَالَ فَزِنْهُ بِرَجُلٍ فَوُزِنْتُ بِهِ فَوَزَنْتُهُ ثُمَّ قَالَ فَزِنْهُ بِعَشَرَةٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ ثُمَّ قَالَ زِنْهُ بِمِائَةٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ ثُمَّ قَالَ زِنْهُ بِأَلْفٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَيْهِمْ يَنْتَثِرُونَ عَلَيَّ مِنْ خِفَّةِ الْمِيزَانِ قَالَ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ لَوْ وَزَنْتَهُ بِأُمَّتِهِ لَرَجَحَهَا

हमसे कहिस है [अब्दुल्ला बिन इमरान] हमसे कहिस है [अबू दाउद] हमसे [जाफर बिन उस्मान अल कुरासी] से [उथमान बिन उर्वाह बिन अज़ जुबैर] से [उनके पिता] से [अबू ज़ार अल घिफारी] रदलियाल्लाहुअन्हु से कहिस है, उ कहिन; हम पूछेन, हे अल्लाह के रसूल, तुम कैसे पक्का होइ सकत हौ कि तुम नबी हौ? पैगम्बर ने जवाब दिया: हे अबू ज़ार, जब मैं मक्का के एक घाटी में रहा तब दुई स्वर्गदूत मेरे पास आए। इनमा से एक धरती पै उतरै अउर दूसर स्वर्ग अउर धरती के बीच मा। ओनमा से एक अपने दोस्त से कहिस: का ई सचमुच उहै है? फिर ओकर दोस्त जवाब दिहिस: हाँ! फिरि कहिन: फिर कोऊ से तोलौ, तब मैं दस जने से तौलौं औ मैं ओनसे भारी हौं। तब ऊ फिरि कहिस- 'सौ लोगन के साथे ओका तौलौ', सो हम तौल गयेन औ हम ओनसे भारी होइ गयेन। फिर बोले फिर : 'तौ तौलौ हजार जने से', फिर तौल भई तौ उनसे भारी होइगै। उ समय हमका लागत रहा कि तराजू के संकीर्णता के कारण ओनका झटका देत देखित है, फिर दुइनौ स्वर्गदूतन मा से एक अपने दोस्त से कहिस: भले ही ओका अपने सब लोगन के साथे तौला जाय, फिर भी उ ओनसे भारी होई।

Hadith

Imam Darimi : 15

أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ خَلِيلٍ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُنَادِيهِمْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا أَنَا رَحْمَةٌ مُهْدَاةٌ

हमसे कहिन [इस्माइल बिन खलील] हमसे कहिन हैं [अली बिन मुशीर] हमसे [अल अमासी] [अबू सलीह] से कहिन हैं, उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार ओनका बोलाइन; हे लोग, निस्चय ही मैं एक दया अऊर एक मार्गदर्शक हउँ।

Hadith

Imam Darimi : 16

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ حَدَّثَنَا أَبُو حَيَّانَ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَأَقْبَلَ أَعْرَابِيٌّ فَلَمَّا دَنَا مِنْهُ قَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ تُرِيدُ قَالَ إِلَى أَهْلِي قَالَ هَلْ لَكَ فِي خَيْرٍ قَالَ وَمَا هُوَ قَالَ تَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ قَالَ وَمَنْ يَشْهَدُ عَلَى مَا تَقُولُ قَالَ هَذِهِ السَّلَمَةُ فَدَعَاهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهِيَ بِشَاطِئِ الْوَادِي فَأَقْبَلَتْ تَخُدُّ الْأَرْضَ خَدًّا حَتَّى قَامَتْ بَيْنَ يَدَيْهِ فَاسْتَشْهَدَهَا ثَلَاثًا فَشَهِدَتْ ثَلَاثًا أَنَّهُ كَمَا قَالَ ثُمَّ رَجَعَتْ إِلَى مَنْبَتِهَا وَرَجَعَ الْأَعْرَابِيُّ إِلَى قَوْمِهِ وَقَالَ إِنْ اتَّبَعُونِي أَتَيْتُكَ بِهِمْ وَإِلَّا رَجَعْتُ فَكُنْتُ مَعَكَ

हमसे कहिन [मुहम्मद बिन थारीफ] हमसे कहिन हैं [मुहम्मद बिन फुदलैल] हमसे [अबू हयान] से [अथा] से [इब्न उमर] रादलियाल्लाहुअन्हु से कहिन हैं, उ कहिन; जब हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के साथे एक यात्रा पर रहेन तौ हम एक बेडौइन अरब से मिलेन अऊर हमरे उनके पास जाय के बाद रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओनसे कहिन: तुम कहाँ जात हौ? बेडौइन अरब ने जवाब दिया: मैं अपने परिवार से मिलना चाहत हौं। तब प्रेरित कहिन: का तुम कुछ अच्छा चाहत हौ? उ जवाब दिहिस: अच्छाई का है? रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: अर्थात्, आप गवाही देत ​​हैं कि अल्लाह सुभानाहु व तआला के अलावा कौनो भगवान पूजा के लायक नाहीं है अऊर गवाही देत ​​हैं कि मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम उनकर सेवक अऊर रसूल हैं। बेडौइन अरब ने कहा: फिर आपके कहे के सच्चाई कौन साबित कर सकत है? पैगम्बर ने जवाब दिया: सलामा का पेड़, तो पैगम्बर ने उन्हें बोलाया जब पेड़ पहाड़ी के किनारे पर था, फिर पेड़ धरती को फाड़कर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास पहुंचा जब तक कि पेड़ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के सामने नहीं पहुंच गया। प्रेरित ने ओसे तीन बार गवाही देय का कहिन। उ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अनुसार तीन बार गवाही भी दिहिन, फिर पेड़ उ जगह लौटि गा जहाँ उ उगा रहा। बेडौइन अरब अपने लोगन के पास लौटि गा अऊर कहिस; अगर उई मोर अनुसरण करत हैं, तौ मैं ओनका आपके महामहिम से मिले ले जाब -रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम-, अगर नाहीं तौ मैं आपके महामहिम से मिले लौटब अऊर आपके साथ रहब।

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Imam Darimi : 17

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَ خَرَجْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ وَكَانَ لَا يَأْتِي الْبَرَازَ حَتَّى يَتَغَيَّبَ فَلَا يُرَى فَنَزَلْنَا بِفَلَاةٍ مِنْ الْأَرْضِ لَيْسَ فِيهَا شَجَرٌ وَلَا عَلَمٌ فَقَالَ يَا جَابِرُ اجْعَلْ فِي إِدَاوَتِكَ مَاءً ثُمَّ انْطَلِقْ بِنَا قَالَ فَانْطَلَقْنَا حَتَّى لَا نُرَى فَإِذَا هُوَ بِشَجَرَتَيْنِ بَيْنَهُمَا أَرْبَعُ أَذْرُعٍ فَقَالَ يَا جَابِرُ انْطَلِقْ إِلَى هَذِهِ الشَّجَرَةِ فَقُلْ يُقَلْ لَكِ الْحَقِي بِصَاحِبَتِكِ حَتَّى أَجْلِسَ خَلْفَكُمَا فَرَجَعَتْ إِلَيْهَا فَجَلَسَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَلْفَهُمَا ثُمَّ رَجَعَتَا إِلَى مَكَانِهِمَا فَرَكِبْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَسُولُ اللَّهِ بَيْنَنَا كَأَنَّمَا عَلَيْنَا الطَّيْرُ تُظِلُّنَا فَعَرَضَتْ لَهُ امْرَأَةٌ مَعَهَا صَبِيٌّ لَهَا فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ ابْنِي هَذَا يَأْخُذُهُ الشَّيْطَانُ كُلَّ يَوْمٍ ثَلَاثَ مِرَارٍ قَالَ فَتَنَاوَلَ الصَّبِيَّ فَجَعَلَهُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ مُقَدَّمِ الرَّحْلِ ثُمَّ قَالَ اخْسَأْ عَدُوَّ اللَّهِ أَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اخْسَأْ عَدُوَّ اللَّهِ أَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثًا ثُمَّ دَفَعَهُ إِلَيْهَا فَلَمَّا قَضَيْنَا سَفَرَنَا مَرَرْنَا بِذَلِكَ الْمَكَانِ فَعَرَضَتْ لَنَا الْمَرْأَةُ مَعَهَا صَبِيُّهَا وَمَعَهَا كَبْشَانِ تَسُوقُهُمَا فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ اقْبَلْ مِنِّي هَدِيَّتِي فَوَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ مَا عَادَ إِلَيْهِ بَعْدُ فَقَالَ خُذُوا مِنْهَا وَاحِدًا وَرُدُّوا عَلَيْهَا الْآخَرَ قَالَ ثُمَّ سِرْنَا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَنَا كَأَنَّمَا عَلَيْنَا الطَّيْرُ تُظِلُّنَا فَإِذَا جَمَلٌ نَادٌّ حَتَّى إِذَا كَانَ بَيْنَ سِمَاطَيْنِ خَرَّ سَاجِدًا فَحَبَسَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ عَلَيَّ النَّاسَ مَنْ صَاحِبُ الْجَمَلِ فَإِذَا فِتْيَةٌ مِنْ الْأَنْصَارِ قَالُوا هُوَ لَنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ فَمَا شَأْنُهُ قَالُوا اسْتَنَيْنَا عَلَيْهِ مُنْذُ عِشْرِينَ سَنَةً وَكَانَتْ بِهِ شُحَيْمَةٌ فَأَرَدْنَا أَنْ نَنْحَرَهُ فَنَقْسِمَهُ بَيْنَ غِلْمَانِنَا فَانْفَلَتَ مِنَّا قَالَ بِيعُونِيهِ قَالُوا لَا بَلْ هُوَ لَكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ أَمَّا لِي فَأَحْسِنُوا إِلَيْهِ حَتَّى يَأْتِيَهُ أَجَلُهُ قَالَ الْمُسْلِمُونَ عِنْدَ ذَلِكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ نَحْنُ أَحَقُّ بِالسُّجُودِ لَكَ مِنْ الْبَهَائِمِ قَالَ لَا يَنْبَغِي لِشَيْءٍ أَنْ يَسْجُدَ لِشَيْءٍ وَلَوْ كَانَ ذَلِكَ كَانَ النِّسَاءُ لِأَزْوَاجِهِنَّ

हमका [उबैदुल्लाह बिन मूसा] से [ईसा बिन अब्दुल मलिक] से [अबू अज जुबैर] से [जाबिर] रदलियाल्लाहुअन्हु से रिपोर्ट किहिन हैं, उ कहिन; मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे एक यात्रा पर बाहर गय रहौं अऊर जब उ खुद का राहत देय चाहत रहें तौ उ हमेशा छुप जात रहें ताकि उ देख न पावै। उस समय हम एक बड़े मैदान में थे जहाँ पेड़ न जीवन के चिन्ह थे और उन्होंने कहा: हे जाबीर अपने बर्तन से पानी ले लो, और हम अपनी यात्रा जारी रखें। जाबीर कहिन, हम तब तक चलत रहेन जब तक हम नजर से दूर नाहीं होइ गयेन। अचानक दुइ पेड़ पैदा होइगें जेहिमा चार हाथ के दूरी रही। उ कहिन: कृपया पेड़ के पास जा, ओसे बात करै का कहौ, उ जवाब देई, ओसे कहौ 'अपने बगल के पेड़ के पास आओ ताकि मैं आप दुइनौ के पीछे बैठ सकौं'। पेड़ पास आवा - ओकर दोस्त, बगल वाला पेड़ - अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम दुइनौ के पीछे बैठि गा, फिर दुइनौ पेड़ अपने-अपने जगह लौटि आए। अगला हम अपने माउंट पर चढ़े, अऊर मानो हमरे ऊपर एक चिरई हमका ढँक रही हो, फिर एक औरत अऊर ओकर बच्चा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का रोक लिहिन, उ कहिन; हे अल्लाह के रसूल, मोर बच्चा वास्तव मा हर दिन तीन बार शैतान से परेशान होत है। जाबिर कहिन; फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बच्चे को लेकर अपने वाहन के सामने रख दिया तब उन्होंने कहा; जा अल्लाह के दुश्मन! मैं अल्लाह का रसूल हौं। प्रेरित तीन बार कहिन। फिर उ औरत का वापस कइ दिहिस। जब हम अपनी यात्रा से लौटेन, तौ हम मूल सड़क से गुजरेन, अऊर एक औरत अऊर ओकर बच्चा हमका दुइ भेड़न के साथे रोक लिहिन जेका उ चरावत रहीं। तब उ कहिन; 'हे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, कृपया मोर तरफ से ई वरदान स्वीकार करौ, जे तोहका सही मायने मा भेजिस है, ओकरे खातिर, शैतान फिर से नाहीं आई। ' उ कहिन: एक लइ ल्या अऊर दूसर ओका लौटा द्या। फिर हम आपन सफर जारी रखिन अऊर चिरई हमका ढँकत देखाई देत रहीं, अचानक एक ऊँट भागि गवा, लेकिन जब उ पेड़न के दुई झुंड के पास आवा, तौ उ तुरंत झुक के सजदा किहिन अऊर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ओका पकड़ लिहिन। प्रेरित लोगन से पूछिन: 'इहाँ आवा, लोग, ई ऊँट केकर है? तौ अंसार के कईयो जवान जवाब दिहिन; ऊ हमार है, हे अल्लाह के रसूल, ऊ पूछिस: ऊ का अनुभव करत है? उइ जवाब दिहिन; हम बीस साल तक ओकरे देखभाल करत-करत थक गयेन और ओकर मोटापा बहुत रहा- ऊ मोटा होइगा रहा- तो हम चाहत रहेन कि ओका काट के अपने बच्चन के बीच बांट देई, लेकिन ऊ हमसे दूर भाग गवा। ऊ कहिस: 'ठीक है, फिर बस मोका बेच देई। '. उइ जवाब दिहिन; 'ओह, जरूरत नाहीं, महोदय, लेकिन ऊँट आपके महामहिम के लिए एक -उपहार- के रूप मा काफी होई। पैगम्बर कहिन; 'ठीक है, अगर ऊ हमार है तौ ओकरे साथ अच्छा रहा, जब तक ऊ मर न जाय। उ समय मुसलमान कहिन; हे अल्लाह के रसूल, हमका जानवरन के राजा के सामने सजदा करै का ज्यादा अधिकार है, उ कहिन: एक -जीव- के लिए दूसर -प्राणी के सामने सजदा करब ठीक नाहीं है, अगर ई जायज होत तौ औरतन का अपने पति के सामने सजदा करै के अनुमति होत।

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Imam Darimi : 18

حَدَّثَنَا يَعْلَى حَدَّثَنَا الْأَجْلَحُ عَنْ الذَّيَّالِ بْنِ حَرْمَلَةَ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَقْبَلْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى دُفِعْنَا إِلَى حَائِطٍ فِي بَنِي النَّجَّارِ فَإِذَا فِيهِ جَمَلٌ لَا يَدْخُلُ الْحَائِطَ أَحَدٌ إِلَّا شَدَّ عَلَيْهِ فَذَكَرُوا ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَاهُ فَدَعَاهُ فَجَاءَ وَاضِعًا مِشْفَرَهُ عَلَى الْأَرْضِ حَتَّى بَرَكَ بَيْنَ يَدَيْهِ فَقَالَ هَاتُوا خِطَامًا فَخَطَمَهُ وَدَفَعَهُ إِلَى صَاحِبِهِ ثُمَّ الْتَفَتَ فَقَالَ مَا بَيْنَ السَّمَاءِ إِلَى الْأَرْضِ إِلَّا يَعْلَمُ أَنِّي رَسُولُ اللَّهِ إِلَّا عَاصِيَ الْجِنِّ وَالْإِنْسِ

हमसे कहिन है [य'ला] हमसे [अल अज्लाह] से [अडज़ डजायल बिन हरमलाह] से [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअन्हु से कहिन है; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे यात्रा से लौटे रहेन। जब तक हम एक बानी नज्जर गाँव मा नाहीं पहुँचेन, तब तक अचानक एक ऊँट बागान मा घुसय वाले सबका रोकत रहा। ई बात रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बतावा गा रहा, तौ उ उनके पास आवा अऊर ऊंट का बोलाइस। ऊँट आवा अऊर अपने होठन का धरती पर तब तक रखिस जब तक कि ऊ ओकरे सामने आपन घुटना नाहीं झुकाइस। फिर बोला: एक रस्सी लाओ, फिर रस्सी से बांध के ओकरे मालिक का लौटा दिहिस। फिर उ पीछे मुड़ के देखिन अऊर कहिन: स्वर्ग अऊर धरती के बीच मा केहू नाहीं लेकिन उ जानत है कि मैं वास्तव मा अल्लाह सुभानाहु वा तआला के दूत हौं सिवाय ओनके जे आज्ञाकारी हैं; जिन्न अऊर मनुष्यन से।

Hadith

Imam Darimi : 19

أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ فَرْقَدٍ السَّبَخِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ امْرَأَةً جَاءَتْ بِابْنٍ لَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ ابْنِي بِهِ جُنُونٌ وَإِنَّهُ يَأْخُذُهُ عِنْدَ غَدَائِنَا وَعَشَائِنَا فَيُخَبَّثُ عَلَيْنَا فَمَسَحَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَدْرَهُ وَدَعَا فَثَعَّ ثَعَّةً وَخَرَجَ مِنْ جَوْفِهِ مِثْلُ الْجِرْوِ الْأَسْوَدِ فَسَعَى

हमका [अल हज्जाज बिन मिन्हाल] हमका [हम्मद बिन सलामा] से [फरकद अस सबखी] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु से बतावा गा है कि एक औरत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आपन बच्चा लावै आई अऊर कहिस: 'ओल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास मोर बच्चा रहा, जब हम लंच अऊर डिनर करत हैं तौ जिन्न हमेशा आवत है। हमका, अऊर हमका बदनाम करौ। 'फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अऊर उनके लिए दुआ किहिन। फिर ऊ उल्टी किहिस अऊर कुछ - जइसे काला पिल्ला - ओकरे मुँह से निकरिस अऊर फिर चला गवा।

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Imam Darimi : 20

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَعِيدٍ أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ الْعَبْدِيُّ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ طَهْمَانَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي لَأَعْرِفُ حَجَرًا بِمَكَّةَ كَانَ يُسَلِّمُ عَلَيَّ قَبْلَ أَنْ أُبْعَثَ إِنِّي لَأَعْرِفُهُ الْآنَ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन सैद] हमसे [यह्या बिन अबू बकर अल 'अबदी] से [इब्राहिम बिन थाहमन] से [सिमक] से [जाबिर बिन समुराह] रादलियाल्लाहुअनहू से कहिन हैं उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मैं सचमुच जानत हौं कि मक्का मा एक पत्थर है जेहिसे उ मोका भेजे से पहिले मोका अभिवादन करत रहें। सचमुच मैं अब सचमुच जानत हउँ'।