Imam Darimi : 2854
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سَالِمٍ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ مَسْرُوقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ الْخَالَةُ بِمَنْزِلَةِ الْأُمِّ وَالْعَمَّةُ بِمَنْزِلَةِ الْأَبِ وَبِنْتُ الْأَخِ بِمَنْزِلَةِ الْأَخِ وَكُلُّ رَحِمٍ بِمَنْزِلَةِ رَحِمِهِ الَّتِي يُدْلِي بِهَا إِذَا لَمْ يَكُنْ وَارِثٌ ذُو قَرَابَةٍ
सानु दस्सेया है [मुहम्मद बिन यूसुफ] ने सानू [सुफयान] को [मुहम्मद बिन सलीम] से [ऐश स्या'बी] से [मसरुक] से [अब्दुल्लाह] से बताया है उसने कहा; मातृ चाची दी स्थिति मां दे समान होंदी ऐ, पैतृक चाची पिता दे समान होंदी ऐ, भ्राएं दी धीयां भ्राएं दे समान होंदी ऐ ते सारे ज़ावुल अरहम उंदे आसेआ निर्धारत कीते गेदे होर ज़ावुल अरहम दे समान होंदे न, जेकर कोई वारिस नेईं होंदे जेह्ड़े नजदीकी रिश्तेदार न।