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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 2812

أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ حَدَّثَنَا الْأَشْعَثُ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ عَلِيٍّ وَزَيْدٍ قَالَا إِذَا كَانَتْ الْجَدَّاتُ سَوَاءً وَرِثَ ثَلَاثُ جَدَّاتٍ جَدَّتَا أَبِيهِ أُمُّ أُمِّهِ وَأُمُّ أَبِيهِ وَجَدَّةُ أُمِّهِ فَإِنْ كَانَتْ إِحَدَاهُنَّ أَقْرَبَ فَالسَّهْمُ لِذَوِي الْقُرْبَى

हमसे कहिन है [यजीद बिन हारून] हमसे [अश'थ] [अश स्याबी] से [अली] अऊर [जैद] दुइनौ कहिन हैं; अगर कई दादी के पास एकै पद है तौ तीन दादी के पास विरासत का अधिकार है। अर्थात् मोर पिताजी के दुई दादी; ओकरे महतारी के बाप के महतारी अउर ओकरे बाप के महतारी के बाप अउर ओकरे महतारी के दादी। अगर ओनमा से एक नजदीक है, तौ हिस्सा सबसे नजदीक का दीन जात है।