Imam Darimi : 2422
حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَبِي حُرَّةَ الرَّقَاشِيِّ عَنْ عَمِّهِ قَالَ كُنْتُ آخِذًا بِزِمَامِ نَاقَةِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي أَوْسَطِ أَيَّامِ التَّشْرِيقِ أَذُودُ النَّاسَ عَنْهُ فَقَالَ أَلَا إِنَّ كُلَّ رِبًا فِي الْجَاهِلِيَّةِ مَوْضُوعٌ أَلَا وَإِنَّ اللَّهَ قَدْ قَضَى أَنَّ أَوَّلَ رِبًا يُوضَعُ رِبَا عَبَّاسِ بْنِ عَبْدِ الْمُطَّلِبِ لَكُمْ رُءُوسُ أَمْوَالِكُمْ لَا تَظْلِمُونَ وَلَا تُظْلَمُونَ
हमसे कहिन [हज्जाज बिन मिन्हाल] हमसे कहिन हैं [हम्मद बिन सलामा] हमसे [अली बिन जैद] [अबू हुर्रे अर रकासी] से [अपने चाचा] से कहिन हैं, उ कहिन; 'मैं तसीरिक के दिनन के बीच मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के ऊंट के बागडोर पकड़े रहेंव, मैं लोगन का आदेश दिहे रहेंव कि ओसे दूर रहें। फिर उ कहिन: 'सचमुच, अज्ञानता के काल मा सब सूद रद्द होइगा है, जानौ कि अल्लाह ने फैसला किहिन है कि रद्द कीन जाय वाली सबसे पहिले सूद अब्बास बिन अब्दुल मुठालिब के सूद है, यानी आपके लिए आपकी संपत्ति के पूंजी, आप अन्यायी नाहीं होब अऊर आपके साथ अन्याय नाहीं होब'।