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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 2245

أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَقَ عَنْ الْحَارِثِ بْنِ فُضَيْلٍ عَنْ سُفْيَانَ بْنِ أَبِي الْعَوْجَاءِ السُّلَمِيِّ عَنْ أَبِي شُرَيْحٍ الْخُزَاعِيِّ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ أُصِيبَ بِدَمٍ أَوْ خَبْلٍ وَالْخَبْلُ الْجُرْحُ فَهُوَ بِالْخِيَارِ بَيْنَ إِحْدَى ثَلَاثٍ فَإِنْ أَرَادَ الرَّابِعَةَ فَخُذُوا عَلَى يَدَيْهِ بَيْنَ أَنْ يَقْتَصَّ أَوْ يَعْفُوَ أَوْ يَأْخُذَ الْعَقْلَ فَإِنْ أَخَذَ مِنْ ذَلِكَ شَيْئًا ثُمَّ عَدَا بَعْدَ ذَلِكَ فَلَهُ النَّارُ خَالِدًا فِيهَا مُخَلَّدًا

हमका सूचित किहिन है [यजीद बिन हारून] हमका [मुहम्मद बिन इशाक] [अल हरिथ बिन फुधैल] से [सुफयान बिन अबू अल 'औजा` अस सुलामी] से [अबू सूरैह अल खुजाई] से सूचित किहिन हैं, उ कहिन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'जेका आत्मा के मृत्यु से परीक्षा होत है, या खबल - खबल एक घाव है - तब ओका तीन चीजन मा से एक का चुनै का अधिकार है, अगर ऊ चौथाई जोड़ै चाहत है, तौ ओका रोकौ। अर्थात् जवाब देय, या माफ करै, या कार्रवाई करै के बीच। अगर उ इन तीन चीजन में से एक चीज लइ लिहिस है, फिर ओकरे बाद सीमा से आगे निकल जात है, तौ ओकरे लिए नरक, उ हमेशा के लिए वहिमा रही'।