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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 1929

أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا دَاوُدُ بْنُ أَبِي هِنْدٍ عَنْ عَامِرٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ صَفْوَانَ أَنَّهُ مَرَّ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِأَرْنَبَيْنِ مُعَلِّقُهُمَا فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي دَخَلْتُ غَنَمَ أَهْلِي فَاصْطَدْتُ هَذَيْنِ الْأَرْنَبَيْنِ فَلَمْ أَجِدْ حَدِيدَةً أُذَكِّيهِمَا بِهَا فَذَكَّيْتُهُمَا بِمَرْوَةٍ أَفَآكُلُ قَالَ نَعَمْ

हमका ई बतावा गा है कि [यजीद बिन हारून] हमका [दाउद बिन अबू हिंदुन] [अमीर] से [मुहम्मद बिन शफवान] से सूचित किहिन हैं कि उ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास से दुई लटकत खरगोश लइके गुजरिन, फिर उ कहिन; 'हे अल्लाह के रसूल, सचमुच - जब - मैं अपने परिवार के बकरी के पास गय रहौं, तौ मैं इन दुइनौ खरगोशन का पकड़ै मा कामयाब होइ गयौ। लेकिन हमका वध करै के लिए लोहा नाहीं मिला, यहिसे हम एक तेज सफेद पत्थर का उपयोग कइके वध किहेन, का हम ईका खा सकित है?' उ जवाब दिहिन: 'हाँ'।