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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 1910

أَخْبَرَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ حَدَّثَنَا الْأَوْزَاعِيُّ حَدَّثَنِي الزُّهْرِيُّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ وَأَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَنْتَهِبُ نُهْبَةً ذَاتَ شَرَفٍ يَرْفَعُ الْمُؤْمِنُونَ فِيهَا أَبْصَارَهُمْ وَهُوَ حِينَ يَنْتَهِبُهَا مُؤْمِنٌ

हमसे कहिन है [अबू अल मुघिराह] हमसे कहिन है [अल औजाई] हमसे [अज़ जुहरी] से [सैद बिन अल मुसैयाब] अऊर [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू हुरैराह] से कहिन है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'ई नाहीं है - एक आस्तिक - जे भ्रष्टाचारी अऊर कीमती संपत्ति बन जात है विश्वासी, जब उ इका भ्रष्ट करत है तौ उ एक अइसन स्थिति मा होत है जेकरे पास विश्वास है'।