Imam Darimi : 1173
أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا عَبَّادٌ عَنْ حَجَّاجٍ عَنْ عَوْنِ بْنِ أَبِي جُحَيْفَةَ عَنْ أَبِيهِ أَنَّ بِلَالًا رَكَزَ الْعَنَزَةَ ثُمَّ أَذَّنَ وَوَضَعَ أُصْبُعَيْهِ فِي أُذُنَيْهِ فَرَأَيْتُهُ يَدُورُ فِي أَذَانِهِ قَالَ عَبْد اللَّهِ حَدِيثُ الثَّوْرِيِّ أَصَحُّ
हमका ई बतावा गा है कि [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद] हमका ['अब्बाद] से [हज्जाज] से ['औन बिन अबू जुहैफा] से [अपने पिता] से कहिन है कि [बिलाल] एक बार एक छड़ी चिपकाइस अऊर फिर उ अज़ान दिहिस अऊर उ अपने कानन मा दुइ उंगली रखिस, अऊर हम देखेन कि उ आपन शरीर का दाईं ओर अऊर बाईं ओर घुमावत रहा। अब्दुल्ला कहिन, 'अत्स त्सौरी के हदीस ज्यादा प्रामाणिक है'।