Imam Darimi : 1150
أَخْبَرَنَا الْحَكَمُ بْنُ الْمُبَارَكِ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ عِكْرِمَةَ وَسَالِمٍ عَنْ سَعِيدٍ قَالَا يَمُرُّ وَلَا يَقْعُدُ فِيهِ
हमका ई बतावा गा है कि [अल हाकम बिन अल मुबारक] हमसे [स्यारिक] से ['इकरिमा] से [सिमक] अऊर [सैद] से [सलीम] से संबंधित हैं, जे दुइनौ कहिन, 'एक जुनब व्यक्ति -मस्जिद- से गुजर सकत है, लेकिन उ वहिमा नाहीं बैठ सकत है'।