Imam Darimi : 187
أَخْبَرَنَا يَعْلَى حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ شَقِيقٍ قَالَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ كَيْفَ أَنْتُمْ إِذَا لَبِسَتْكُمْ فِتْنَةٌ يَهْرَمُ فِيهَا الْكَبِيرُ وَيَرْبُو فِيهَا الصَّغِيرُ وَيَتَّخِذُهَا النَّاسُ سُنَّةً فَإِذَا غُيِّرَتْ قَالُوا غُيِّرَتْ السُّنَّةُ قَالُوا وَمَتَى ذَلِكَ يَا أَبَا عَبْدِ الرَّحْمَنِ قَالَ إِذَا كَثُرَتْ قُرَّاؤُكُمْ وَقَلَّتْ فُقَهَاؤُكُمْ وَكَثُرَتْ أُمَرَاؤُكُمْ وَقَلَّتْ أُمَنَاؤُكُمْ وَالْتُمِسَتْ الدُّنْيَا بِعَمَلِ الْآخِرَةِ
हमसे कहिन है [य'ला] हमसे कहिन है [अल अमासी] [स्याक] से उ कहिन: ' [अब्दुल्ला] एक बार कहिन: 'अगर आप अराजकता से टकरा जात हैं, बूढ़ा बुजुर्ग होइ जात हैं, छोट अचानक वयस्क होइ जात हैं, अऊर लोग अराजकता का सुन्नत बना देत हैं, अऊर अचानक बदल जात हैं, उ कहिन: ' ', उन्होंने पूछा: 'हे अबू अब्दुर रहमान, यह कब होगा? ', उ जवाब दिहिन: 'जब बहुत लोग पढ़ सकत हैं, लेकिन कुछ लोग न्यायशास्त्र के विशेषज्ञ हैं - एकर अर्थ समझें -। सरकार मा बहुतै मड़ई बइठत हैं, पै भरोसा लायक कम हैं। और परलोक के ज्ञान से संसार खोजा जात है''।