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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Darimi : 69

أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيُّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ لَمَّا فَتَحْنَا خَيْبَرَ أُهْدِيَتْ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ شَاةٌ فِيهَا سُمٌّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اجْمَعُوا لِي مَنْ كَانَ هَا هُنَا مِنْ الْيَهُودِ فَجُمِعُوا لَهُ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي سَائِلُكُمْ عَنْ شَيْءٍ فَهَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْهُ قَالُوا نَعَمْ يَا أَبَا الْقَاسِمِ فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ أَبُوكُمْ قَالُوا أَبُونَا فُلَانٌ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَذَبْتُمْ بَلْ أَبُوكُمْ فُلَانٌ قَالُوا صَدَقْتَ وَبَرَرْتَ فَقَالَ لَهُمْ هَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْ شَيْءٍ إِنْ سَأَلْتُكُمْ عَنْهُ فَقَالُوا نَعَمْ وَإِنْ كَذَبْنَاكَ عَرَفْتَ كَذِبَنَا كَمَا عَرَفْتَ فِي آبَائِنَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَنْ أَهْلُ النَّارِ فَقَالُوا نَكُونُ فِيهَا يَسِيرًا ثُمَّ تَخْلُفُونَا فِيهَا قَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اخْسَئُوا فِيهَا وَاللَّهِ لَا نَخْلُفُكُمْ فِيهَا أَبَدًا ثُمَّ قَالَ لَهُمْ هَلْ أَنْتُمْ صَادِقِيَّ عَنْ شَيْءٍ إِنْ سَأَلْتُكُمْ عَنْهُ قَالُوا نَعَمْ قَالَ هَلْ جَعَلْتُمْ فِي هَذِهِ الشَّاةِ سُمًّا قَالُوا نَعَمْ قَالَ مَا حَمَلَكُمْ عَلَى ذَلِكَ قَالُوا أَرَدْنَا إِنْ كُنْتَ كَاذِبًا أَنْ نَسْتَرِيحَ مِنْكَ وَإِنْ كُنْتَ نَبِيًّا لَمْ يَضُرَّكَ

हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन सालिह] ने हमसे कहा है [अल लैट्स] ने हमसे कहा है [सैद बिन अबू सईद अल मकबुरी] से [अबू हुरैरा] रदलियाल्लाहु'अन्हु ने कहा है; 'जब हम खैबर जीतेन तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जहर वाली बकरी का तोहफा दीन गा रहा। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तुरंत कहिन: 'कृपया इहाँ यहूदीन का इकट्ठा करा। ' यहिसे उइ ओनका ओकरे लगे इकट्ठा किहिन। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मैं आपसे कुछ बात पूछूंगा, का ईमानदारी से जवाब देब? ', उइ जवाब दिहिन; 'हाँ, हे अबू कासिम -पैगम्बर मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम-। ' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा: 'तुम्हारा पिता कौन है? ' उइ जवाब दिहिन; 'हमार बाबू फलाना है। ' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'तुम झूठ बोल रहे हो!, लेकिन तुम्हारा बाप फलाना है। ' उइ जवाब दिहिन; 'महामहिम सही कहत हैं। ' फिर उ ओनसे कहिस: 'अगर हम तोहसे कुछ पूछब त का तुम ईमानदार होब्या? ' उइ जवाब दिहिन; 'हाँ, अउर अगर हम झूठ बोलब तौ तुमका पता चल जाई, जइसे तुम हमरे पुरखन का जानत हौ। ' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे पूछा: 'नरक के निवासी कौन हैं? ' उइ जवाब दिहिन; 'हम कुछ देर तक वहिमा रहेन अऊर फिर उ हमका वहिमा बदल दिहिन। ' त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनसे कहिन: तुम इमा अपमानित होइहौ, अल्लाह सुभानाहु व तआला के कसम हम तोहरे जगह हमेशा इमा नाहीं लेब। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे पूछा: का आप उ सवाल के बारे मा सच बताइब जवन हम आपसे पूछब?, उइ जवाब दिहिन; हाँ। बोला: बकरी के मांस में जहर डाल दिया का? उइ जवाब दिहिन; हाँ, उ पूछिन: आपका अइसन करै का कारन रहा? उइ जवाब दिहिन; हम आजाद होवे चाहित है अगर आप झूठा हैं अऊर अगर आप सही मायने मा एक नबी हैं तो - जहर - आपका नुकसान नाहीं पहुंचाई।