Lari dari takdir Allah menuju takdir Allah yang lain
Imam Malik : 1391
و حَدَّثَنِي عَنْ مَالِك عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ زَيْدِ بْنِ الْخَطَّابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ نَوْفَلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ خَرَجَ إِلَى الشَّامِ حَتَّى إِذَا كَانَ بِسَرْغَ لَقِيَهُ أُمَرَاءُ الْأَجْنَادِ أَبُو عُبَيْدَةَ بْنُ الْجَرَّاحِ وَأَصْحَابُهُ فَأَخْبَرُوهُ أَنَّ الْوَبَأَ قَدْ وَقَعَ بِأَرْضِ الشَّامِ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ فَقَالَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ ادْعُ لِي الْمُهَاجِرِينَ الْأَوَّلِينَ فَدَعَاهُمْ فَاسْتَشَارَهُمْ وَأَخْبَرَهُمْ أَنَّ الْوَبَأَ قَدْ وَقَعَ بِالشَّامِ فَاخْتَلَفُوا فَقَالَ بَعْضُهُمْ قَدْ خَرَجْتَ لِأَمْرٍ وَلَا نَرَى أَنْ تَرْجِعَ عَنْهُ وَقَالَ بَعْضُهُمْ مَعَكَ بَقِيَّةُ النَّاسِ وَأَصْحَابُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَلَا نَرَى أَنْ تُقْدِمَهُمْ عَلَى هَذَا الْوَبَإِ فَقَالَ عُمَرُ ارْتَفِعُوا عَنِّي ثُمَّ قَالَ ادْعُ لِي الْأَنْصَارَ فَدَعَوْتُهُمْ فَاسْتَشَارَهُمْ فَسَلَكُوا سَبِيلَ الْمُهَاجِرِينَ وَاخْتَلَفُوا كَاخْتِلَافِهِمْ فَقَالَ ارْتَفِعُوا عَنِّي ثُمَّ قَالَ ادْعُ لِي مَنْ كَانَ هَاهُنَا مِنْ مَشْيَخَةِ قُرَيْشٍ مِنْ مُهَاجِرَةِ الْفَتْحِ فَدَعَوْتُهُمْ فَلَمْ يَخْتَلِفْ عَلَيْهِ مِنْهُمُ رَجُلَانِ فَقَالُوا نَرَى أَنْ تَرْجِعَ بِالنَّاسِ وَلَا تُقْدِمَهُمْ عَلَى هَذَا الْوَبَإِ فَنَادَى عُمَرُ فِي النَّاسِ إِنِّي مُصْبِحٌ عَلَى ظَهْرٍ فَأَصْبِحُوا عَلَيْهِ فَقَالَ أَبُو عُبَيْدَةَ أَفِرَارًا مِنْ قَدَرِ اللَّهِ فَقَالَ عُمَرُ لَوْ غَيْرُكَ قَالَهَا يَا أَبَا عُبَيْدَةَ نَعَمْ نَفِرُّ مِنْ قَدَرِ اللَّهِ إِلَى قَدَرِ اللَّهِ أَرَأَيْتَ لَوْ كَانَ لَكَ إِبِلٌ فَهَبَطَتْ وَادِيًا لَهُ عُدْوَتَانِ إِحْدَاهُمَا خَصِبَةٌ وَالْأُخْرَى جَدْبَةٌ أَلَيْسَ إِنْ رَعَيْتَ الْخَصِبَةَ رَعَيْتَهَا بِقَدَرِ اللَّهِ وَإِنْ رَعَيْتَ الْجَدْبَةَ رَعَيْتَهَا بِقَدَرِ اللَّهِفَجَاءَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ وَكَانَ غَائِبًا فِي بَعْضِ حَاجَتِهِ فَقَالَ إِنَّ عِنْدِي مِنْ هَذَا عِلْمًا سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا سَمِعْتُمْ بِهِ بِأَرْضٍ فَلَا تَقْدَمُوا عَلَيْهِ وَإِذَا وَقَعَ بِأَرْضٍ وَأَنْتُمْ بِهَا فَلَا تَخْرُجُوا فِرَارًا مِنْهُ قَالَ فَحَمِدَ اللَّهَ عُمَرُ ثُمَّ انْصَرَفَ
ई मोका मलिक से [इब्नू शिहाब] से [अब्दुल हामिद बिन अब्दुर्रहमान बिन जैद बिन अल खत्ताब] से [अब्दुल्ला बिन अब्दुल्लाह बिन अल हरिथ बिन नौफाल] से [अब्दुल्ला बिन अब्बास] से बतावा गा है कि, 'उमर बिन खत्ताब सीरिया के लिए रवाना भए, फिर जब उ एक क्षेत्र मा पहुँचे, तौ सैनिकन के सेनापति सरहान का बोलावा; अबू उबैदा बिन जर्राह अऊर ओनके साथी ओनसे मिले अऊर ओनसे सूचित किहिन कि शाम क्षेत्र प्लेग से संक्रमित होइ गा है। इब्न अब्बास कहिन; 'तब [उमर बिन खत्ताब] कहिन; 'पहिले मुहाजिरिन का बुलावा।' तब मित्रन का बोलावा गा, तब उमर परामर्श करि कै बताइन कि स्याम क्षेत्र मा महामारी आई है। उइ भी असहमत रहे, ओनमा से कुछ कहिन; 'तुम एक कारण से बाहर गये हौ, हमरे राय है कि तुमका वापस लेय के जरूरत नाहीं है'। अउर कुछ अउर कहत हैं; 'तुम कुछ लोग के साथ हो और पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कुछ साथी! हमरे राय है कि आपका ओनसे ई महामारी से सामना न करै का चाही'। उमर कहिन; 'बाहर आवा,' ऊ कहिस; 'मोरे लिए अंसार का बुलावा'। हम ओनका बोलायेन, अऊर उ ओनसे सलाह लिहिन, जबकि ओनके पास मुहाजिरीन के तरह राय रही अऊर ओनके जइसन अलग-अलग राय रही। उमर कहिन; 'बाहर आवा,' ऊ कहिस; 'यहाँ के कौनो भी मनई का बुलावा जवन कुरैश के बुजुर्ग रहा अऊर जे फथुल मक्का के समय प्रवास किहिस रहा।' हम ओका फोन करेन अऊर दुई मनई के अलावा ओनके तरफ से कौनो विवाद नाहीं रहा। उइ कहिन; 'हमार राय है कि आप जनता का वापस लावा जाय अऊर ओनका ई महामारी के चपेट मा न लावा जाय'। उमर लोगन का बोलाइन; 'वास्तव मा, मैं काठी पर सुबह उठब, तुम सुबह ओपे उठौ,' अबू उबैदा ने पूछा; 'का तू भगवान के भाग्य से दूर भागै वाला हौ? ' तब उमर ने जवाब दिया; 'अगर आप न कहते, हे अबू उबैदा! हाँ, हम भगवान के भाग्य से दूसरे भगवान के भाग्य में भाग गए। आपका का लागत है, अगर आपके पास एक ऊँट रहा अऊर फिर आप एक घाटी मा पहुँचे जेहिमा दुई क्षेत्र रहे, एक उपजाऊ अऊर दूसर सूखा, का आप जानत रहे कि अगर आप ओका एक उपजाऊ जगह मा ले जात, त आप ओका अल्लाह के किस्मत के साथ लइ जात। सूखी जगह पर ले जाओ तो अल्लाह के किस्मत के साथ भी ले जाओ'। फिर [अब्दुर्रहमान बिन औफ] आए, उ मौजूद नाहीं रहे काहे से कि ओनका जरूरत रही। ऊ कहत है; 'मोका यहि बारे मा रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम से खबर मिली है, उ कहिन: 'अगर तुम सुनत हौ कि कौनो देश प्लेग से संक्रमित है, तौ वहिके पास न जा, लेकिन अगर ई कौनो देश का संक्रमित करत है अऊर तुम वहिमा हो, तौ ओका न छोड़ौ अऊर वहिसे दूर न भागौ'। -इब्न अब्बास रा- कहिन; 'फिर उमर ने अल्लाह का तारीफ की फिर चले गये'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 1426, 1454, 1493, 1529, 1577, 1588, 1591, 1592, 14888, 14889, 16934, 17002, 20768, 20799, 20810, 20826, 20857, 22084
Imam Bukhari : 3214, 5287, 5288, 5289, 6458
Imam Muslim : 4108, 4109, 4110, 4111, 4112, 4113, 4114, 4115
Imam Abu Dawud : 2697
Imam Tirmidzi : 985
Imam Malik : 1391, 1392, 1393