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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Kejadian dibelahnya dada Rasulullah: Jibril membelah dadaku, mencucinya dengan air zamzam, lalu mengisinya dengan hikmah dan iman

Imam Bukhari : 336

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ بُكَيْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ يُونُسَ عَنْ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ كَانَ أَبُو ذَرٍّ يُحَدِّثُأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ فُرِجَ عَنْ سَقْفِ بَيْتِي وَأَنَا بِمَكَّةَ فَنَزَلَ جِبْرِيلُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَفَرَجَ صَدْرِي ثُمَّ غَسَلَهُ بِمَاءِ زَمْزَمَ ثُمَّ جَاءَ بِطَسْتٍ مِنْ ذَهَبٍ مُمْتَلِئٍ حِكْمَةً وَإِيمَانًا فَأَفْرَغَهُ فِي صَدْرِي ثُمَّ أَطْبَقَهُ ثُمَّ أَخَذَ بِيَدِي فَعَرَجَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الدُّنْيَا فَلَمَّا جِئْتُ إِلَى السَّمَاءِ الدُّنْيَا قَالَ جِبْرِيلُ لِخَازِنِ السَّمَاءِ افْتَحْ قَالَ مَنْ هَذَا قَالَ هَذَا جِبْرِيلُ قَالَ هَلْ مَعَكَ أَحَدٌ قَالَ نَعَمْ مَعِي مُحَمَّدٌ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أُرْسِلَ إِلَيْهِ قَالَ نَعَمْ فَلَمَّا فَتَحَ عَلَوْنَا السَّمَاءَ الدُّنْيَا فَإِذَا رَجُلٌ قَاعِدٌ عَلَى يَمِينِهِ أَسْوِدَةٌ وَعَلَى يَسَارِهِ أَسْوِدَةٌ إِذَا نَظَرَ قِبَلَ يَمِينِهِ ضَحِكَ وَإِذَا نَظَرَ قِبَلَ يَسَارِهِ بَكَى فَقَالَ مَرْحَبًا بِالنَّبِيِّ الصَّالِحِ وَالِابْنِ الصَّالِحِ قُلْتُ لِجِبْرِيلَ مَنْ هَذَا قَال هَذَا آدَمُ وَهَذِهِ الْأَسْوِدَةُ عَنْ يَمِينِهِ وَشِمَالِهِ نَسَمُ بَنِيهِ فَأَهْلُ الْيَمِينِ مِنْهُمْ أَهْلُ الْجَنَّةِ وَالْأَسْوِدَةُ الَّتِي عَنْ شِمَالِهِ أَهْلُ النَّارِ فَإِذَا نَظَرَ عَنْ يَمِينِهِ ضَحِكَ وَإِذَا نَظَرَ قِبَلَ شِمَالِهِ بَكَى حَتَّى عَرَجَ بِي إِلَى السَّمَاءِ الثَّانِيَةِ فَقَالَ لِخَازِنِهَا افْتَحْ فَقَالَ لَهُ خَازِنِهَا مِثْلَ مَا قَالَ الْأَوَّلُ فَفَتَحَ قَالَ أَنَسٌ فَذَكَرَ أَنَّهُ وَجَدَ فِي السَّمَوَاتِ آدَمَ وَإِدْرِيسَ وَمُوسَى وَعِيسَى وَإِبْرَاهِيمَ صَلَوَاتُ اللَّهِ عَلَيْهِمْ وَلَمْ يُثْبِتْ كَيْفَ مَنَازِلُهُمْ غَيْرَ أَنَّهُ ذَكَرَ أَنَّهُ وَجَدَ آدَمَ فِي السَّمَاءِ الدُّنْيَا وَإِبْرَاهِيمَ فِي السَّمَاءِ السَّادِسَةِ قَالَ أَنَسٌ فَلَمَّا مَرَّ جِبْرِيلُ بِالنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِإِدْرِيسَ قَالَ مَرْحَبًا بِالنَّبِيِّ الصَّالِحِ وَالْأَخِ الصَّالِحِ فَقُلْتُ مَنْ هَذَا قَالَ هَذَا إِدْرِيسُ ثُمَّ مَرَرْتُ بِمُوسَى فَقَالَ مَرْحَبًا بِالنَّبِيِّ الصَّالِحِ وَالْأَخِ الصَّالِحِ قُلْتُ مَنْ هَذَا قَالَ هَذَا مُوسَى ثُمَّ مَرَرْتُ بِعِيسَى فَقَالَ مَرْحَبًا بِالْأَخِ الصَّالِحِ وَالنَّبِيِّ الصَّالِحِ قُلْتُ مَنْ هَذَا قَالَ هَذَا عِيسَى ثُمَّ مَرَرْتُ بِإِبْرَاهِيمَ فَقَالَ مَرْحَبًا بِالنَّبِيِّ الصَّالِحِ وَالِابْنِ الصَّالِحِ قُلْتُ مَنْ هَذَا قَالَ هَذَا إِبْرَاهِيمُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ فَأَخْبَرَنِي ابْنُ حَزْمٍ أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ وَأَبَا حَبَّةَ الْأَنْصَارِيَّ كَانَا يَقُولَانِ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثُمَّ عُرِجَ بِي حَتَّى ظَهَرْتُ لِمُسْتَوَى أَسْمَعُ فِيهِ صَرِيفَ الْأَقْلَامِ قَالَ ابْنُ حَزْمٍ وَأَنَسُ بْنُ مَالِكٍ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَفَرَضَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ عَلَى أُمَّتِي خَمْسِينَ صَلَاةً فَرَجَعْتُ بِذَلِكَ حَتَّى مَرَرْتُ عَلَى مُوسَى فَقَالَ مَا فَرَضَ اللَّهُ لَكَ عَلَى أُمَّتِكَ قُلْتُ فَرَضَ خَمْسِينَ صَلَاةً قَالَ فَارْجِعْ إِلَى رَبِّكَ فَإِنَّ أُمَّتَكَ لَا تُطِيقُ ذَلِكَ فَرَاجَعْتُ فَوَضَعَ شَطْرَهَا فَرَجَعْتُ إِلَى مُوسَى قُلْتُ وَضَعَ شَطْرَهَا فَقَالَ رَاجِعْ رَبَّكَ فَإِنَّ أُمَّتَكَ لَا تُطِيقُ فَرَاجَعْتُ فَوَضَعَ شَطْرَهَا فَرَجَعْتُ إِلَيْهِ فَقَالَ ارْجِعْ إِلَى رَبِّكَ فَإِنَّ أُمَّتَكَ لَا تُطِيقُ ذَلِكَ فَرَاجَعْتُهُ فَقَالَ هِيَ خَمْسٌ وَهِيَ خَمْسُونَ لَا يُبَدَّلُ الْقَوْلُ لَدَيَّ فَرَجَعْتُ إِلَى مُوسَى فَقَالَ رَاجِعْ رَبَّكَ فَقُلْتُ اسْتَحْيَيْتُ مِنْ رَبِّي ثُمَّ انْطَلَقَ بِي حَتَّى انْتَهَى بِي إِلَى سِدْرَةِ الْمُنْتَهَى وَغَشِيَهَا أَلْوَانٌ لَا أَدْرِي مَا هِيَ ثُمَّ أُدْخِلْتُ الْجَنَّةَ فَإِذَا فِيهَا حَبَايِلُ اللُّؤْلُؤِ وَإِذَا تُرَابُهَا الْمِسْكُ

हमसे [यह्या बिन बुकैर] बतावा गा है, हमसे [अल लैट्स] [यूनुस] से [इब्न शिहाब] से [अनस बिन मलिक] से कहा गा है, [अबू ज़ार] से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब मैं मक्का मा रहा, तो मोर घर के छत अचानक एंग्लाह अलैहि अलैहि खोल दिहिस सलाम आवा रहा। फिर उ मोर छाती खोलिन अऊर ज़मज़म पानी से धोइन। उ सोने से बना एक बर्तन भी लइ आए जेहिमा बुद्धि अऊर विश्वास रहा, फिर उ ओका मोर छाती मा डारि दिहिस अऊर ओका फिर से बंद कइ दिहिस। तब ऊ मोर हाथ पकड़ि के दुनिया के स्वर्ग के ओर लइगा। जगत के आसमान पर पहुंचा तो जिबरील अलैहिस सलाम ने आसमान के रखवाली करने वाले दूत से कहा खोलो स्वर्ग का रक्षक देवदूत बोला, 'ई कौन है? ' जिब्रिल ने जवाब दिया, 'ई गेब्रियल है'। स्वर्ग के रक्षक देवदूत ने फिर पूछा कि 'तुम किसी और के साथ हो? ' जिबरील ने जवाब दिया, 'हाँ, मोर साथ मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम'। गार्ड फिर से पूछिस, 'का ओका एक प्रेरित के रूप मा भेजा गा रहा? ' जिब्रिल जवाब दिहिस, 'ठीक है'। जब ई खुला अऊर हम दुनिया के स्वर्ग मा पहुँचेन, तौ वहि समय केहू बइठा रहा, वहि मनई के दाईं ओर लोगन का एक समूह रहा अऊर बाईं ओर भी। जब ऊ अपने दाहिने ओर के लोगन के समूह का देखत है तो ऊ हँसत है, अऊर जब ऊ अपने बाईं ओर देखत है तो ऊ रोवत है। फिर उ व्यक्ति ने कहा, 'धर्मी नबी अऊर धर्मी बच्चन का स्वागत है'। हम जिबरील से पूछेन, 'ई कौन है? ' जिबरील ने जवाब दिया, 'वह आदम अलैहिस सलाम हैं, अऊर उनके दाहिने अऊर बायें वाले उनके वंशज के आत्मा हैं। उनके दाईं ओर वाले स्वर्ग के विशेषज्ञ हैं जबकि उनके बाईं ओर वाले नरक के विशेषज्ञ हैं। अगर ऊ अपने दाहिने ओर देखत है तो ऊ हँसत है अऊर अगर ऊ अपने बाईं ओर देखत है तो ऊ रोवत है'। तब मोहि दुसरे स्वर्ग मा लइ जावा गा, जिबरील तब अपने रक्षक से कहिस जइसे कि पहिला स्वर्ग के रक्षक है। तब आसमान खुलि गा''। अनस ने कहा, 'तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उल्लेख किया कि छत के स्तर पर उ आदम, इदरीस, मूसा, ईसा अऊर इब्राहिम से मिले रहे, अल्लाह ओनका आपन आशीर्वाद दे। उइ मोका आकाश मा ओनके ठिकाने के बारे मा नाहीं बताइन, सिवाय यहिके कि उइ पृथ्वी के आकाश मा आदम अऊर छठे आकाश मा इब्राहिम से मिले रहे'। अनस आगे कहिन, 'जब जिबरील पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथे चलत रहे, तब उ इदरीस के पास से गुजरिन। तो इदरीस ने कहा, 'धर्मी पैगम्बर और धर्मी भाइयों का स्वागत है'। हम जिबरील से पूछेन, 'ई कौन है? ' जिबरील ने जवाब दिया, 'वह इदरीस है'। फिर मैं मूसा के पास से गुजरा, उ कहिन, 'धर्मी पैगम्बर अऊर धर्मी भाइयन का स्वागत है'। हम जिबरील से पूछेन, 'ई कौन है? ' जिब्राईल जवाब दिहेस, 'उ मूसा अहइ'। फिर मैं ईसा के पास से गुजरेन, अऊर उ कहिन, 'स्वागत है, धर्मी भाई अऊर धर्मी पैगम्बर।' हम जिबरील से पूछेन, 'ई कौन है? ' जिबरील ने जवाब दिया, 'वह 'ईसा' है। तब मैं इब्राहिम के पास से गुजरा तो उन्होंने कहा कि 'धार्मिक पैगम्बर और धर्मी बच्चन का स्वागत है'। हम जिबरील से पूछेन, 'ई कौन है? ' जिबरील ने जवाब दिया, 'वह इब्राहिम शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हैं'। इब्न शिहाब कहिन, इब्न हज़म ने मोका सूचित किहिन कि इब्न अब्बास अऊर अबू हब्बाह अल अंसारी दुइनौ कहिन, 'नबी सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'तब मैं मिराज रहा जब तक कि मैं एक अइसन जगह नाहीं पहुँचा जहाँ मैं कलम लिखै के आवाज सुन सकत रहौं'। इब्न हज़म ने कहा, अनस बिन मलिक ने कहा कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'फिर अल्लाह अज्जा वजल्ला ने मेरी उम्मत के लिए पचास बार नमाज पढ़ना अनिवार्य कर दिया। तो मैं हुकुम के साथ चला गया जब तक कि मैं मूसा से नहीं मिला, फिर उन्होंने पूछा, 'अल्लाह ने तुम्हारे लोगन के लिए का हुकुम दिया? ' हम जवाब दिहेन: 'पचास बार प्रार्थना करा'। फिर बोला, 'अपने रब्ब के पास वापस जाओ, काहे से कि तुम्हारे लोग नहीं कर पाएंगे! ' तौ मैं लौटि गय अऊर अल्लाह ओका आधा कम कइ दिहिस। फिर मैं मूसा के पास वापस गय अऊर कहिन कि अल्लाह ने ईका आधा कम कइ दिहिस है। टैप i उ कहिन, 'अपने रब्ब के पास लौट जा काहे से कि तोहार लोग असमर्थ नाहीं होइहैं'। मैं फिर अल्लाह के पास वापस चला गवा अऊर अल्लाह फिर से आधा कम कइ दिहिस'। फिर मैं मूसा के पास वापस गय, उ तब कहिन, 'अपने रब्ब के पास वापस जा, काहे से कि तोहार लोग अबहियों नाहीं कर पइहैं'। त मैं अल्लाह तआला के पास वापस गय, अल्लाह तब कहिन: 'ई पांच पचास के विकल्प हैं। मोर तरफ से अब निर्णय मा बदलाव नाहीं! ' त मैं मूसा के पास वापस गय अऊर उ फिर से कहिन, 'अपने रब्ब के पास वापस जा! ' हम कहेन, 'हमका अपने रब्ब से शर्म आवत है'। जिबरील तब मोका तब तक ले गइन जब तक कि मैं सिद्रतुल मुन्ताहा नाहीं पहुँचा जवन कि रंगन से ढका रहा कि मैं नाहीं जानत रहेंव कि उ का रहे। फिर मोहि स्वर्ग मा डारि दीन गा, पता चला कि वहिमा मोती से बने बहुत गुंबद रहैं अउर जमीन कस्तूरी के तेल से बनी रहै।'

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 12047, 17164, 20326
Imam Bukhari : 336, 2968, 3094, 3598
Imam Muslim : 237, 238
Imam Nasa'i : 444