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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ibnu Majah : 4213

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَنْبَأَنَا مَعْمَرٌ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَقَالَ رَجُلٌ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَيْفَ لِي أَنْ أَعْلَمَ إِذَا أَحْسَنْتُ وَإِذَا أَسَأْتُ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا سَمِعْتَ جِيرَانَكَ يَقُولُونَ أَنْ قَدْ أَحْسَنْتَ فَقَدْ أَحْسَنْتَ وَإِذَا سَمِعْتَهُمْ يَقُولُونَ قَدْ أَسَأْتَ فَقَدْ أَسَأْتَ

हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन यह्या] हमसे कहिस है [अब्दुर्राजाक] हमसे कहिस है [मामर] से [मंसूर] से [अबू वैल] से [अब्दुल्ला] उ कहिन; एक आदमी ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा; 'हमका कइसे पता चलै कि हम अच्छा किहे हई अऊर हम बुरा किहे हई?' ऊ जवाब दिहिस: 'अगर तुम सुनत हौ कि तोहार पड़ोसी कहत है कि तुम अच्छा किहे हौ, तौ तुम एक अच्छा मनई हौ। लेकिन अगर आप अपने पड़ोसी का ई कहत सुनत हई कि आप कुछ बुरा किहे हई, त आप एक बुरा मनई हई'।