Sesungguhnya Allah tidak melihat rupa dan harta kalian, tetapi Allah melihat hati dan amal kalian
Imam Ibnu Majah : 4133
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سِنَانٍ حَدَّثَنَا كَثِيرُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ بُرْقَانَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ الْأَصَمِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَرَفَعَهُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ لَا يَنْظُرُ إِلَى صُوَرِكُمْ وَأَمْوَالِكُمْ وَلَكِنْ إِنَّمَا يَنْظُرُ إِلَى أَعْمَالِكُمْ وَقُلُوبِكُمْ
हमसे कहिन है [अहमद बिन सिनान] हमसे कहिन है [कत्सिर बिन हिशम] हमसे कहिन है [जफर बिन बुर्कान] हमसे [यजीद बिन अल अशम] [अबू हुरैराह] से कहिन है जेका पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का आशीर्वाद मिला रहा, उ कहिन: 'वास्तव मा, अल्लाह आपके रूप अऊर आपके सम्पत्ति का नाहीं देखत है, बल्कि केवल आपके देखत है, कर्म अऊर तोहरे मन'।