Imam Ibnu Majah : 4123
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ خَالِدٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ عَنْ أَبِي عُبَيْدِ اللَّهِ مُسْلِمِ بْنِ مِشْكَمٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ غَيْلَانَ الثَّقَفِيِّ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهُمَّ مَنْ آمَنَ بِي وَصَدَّقَنِي وَعَلِمَ أَنَّ مَا جِئْتُ بِهِ هُوَ الْحَقُّ مِنْ عِنْدِكَ فَأَقْلِلْ مَالَهُ وَوَلَدَهُ وَحَبِّبْ إِلَيْهِ لِقَاءَكَ وَعَجِّلْ لَهُ الْقَضَاءَ وَمَنْ لَمْ يُؤْمِنْ بِي وَلَمْ يُصَدِّقْنِي وَلَمْ يَعْلَمْ أَنَّ مَا جِئْتُ بِهِ هُوَ الْحَقُّ مِنْ عِنْدِكَ فَأَكْثِرْ مَالَهُ وَوَلَدَهُ وَأَطِلْ عُمُرَهُ
हमसे कहिन है [हिस्याम बिन अम्मर] हमसे कहिन है [शदाका बिन खालिद] हमसे कहिन है [यजीद बिन अबू मरियम] से [अबू 'उबिदुल्लाह मुस्लिम बिन मिसिकम] से [अमरू बिन घैलान अत त्साकाफी] उ कहिन, 'रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम प्रार्थना किहिन: अरे जे मुझ पर विश्वास करै अऊर मुझ पर विश्वास करै जानत है कि जो मैं लावत हौं ऊ तुम्हारे ते सच है, सो ओकर सम्पति औ ओकरे बच्चन के सम्पति कम करौ, औ ओनका प्यार दौ ताकि वे तुमसे मिलि सकैं औ तुम्हारे निर्णयन का तेज कर सकैं। औ जो मोहि बिसवास नाहीं करै, मोहि धर्मी न ठहरावै औ न जानै कि जो मैं लावत हौं, वही सत्य है जो तुम्हारे ते आवत है, तौ ओकर धन, संतान बढ़ाओ औ जीवन लम्बा करो'।